लोगों को विवाह, सामाजिक आयोजनों व बैठकों के लिए एक समुचित स्थल उपलब्ध होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-10 में 1.68 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुप्रतीक्षित कम्युनिटी सेंटर का नाम अब मराठा समाज की महान समाजसेविका महारानी अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा जाएगा। नगर पालिका ने इसके लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर पालिका चेयरपर्सन रेणु लता ने जानकारी दी है कि कम्युनिटी सेंटर का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। यह निर्णय महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कम्युनिटी सेंटर से वार्ड-10 सहित आसपास के लोगों को विवाह, सामाजिक आयोजनों व बैठकों के लिए एक समुचित स्थल उपलब्ध होगा।
इससे पूर्व अहिल्याबाई जयंती के अवसर पर नगर में एक शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा में नगर पालिका चेयरपर्सन रेणु लता, उनके पति एवं पूर्व चेयरमैन सुमित राजपूत, पार्षद हेमंत राजपूत, सुखराम गोला, कपिल बघेल, नरेश बघेल, प्रमोद कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।
इस मौके पर पूर्व चेयरमैन सुमित राजपूत ने घोषणा की है कि नगर पालिका क्षेत्र में सभी महापुरुषों की जयंती एवं पुण्यतिथि को सम्मानपूर्वक मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी महापुरुष या वर्ग को उपेक्षित नहीं होने दिया जाएगा।
धूमधाम से मनाई गई राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती
पलवल। जिलेभर में शनिवार को देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं शताब्दी जयंती एवं शोभा यात्रा बड़े धूमधाम के साथ निकाली गई। साथ ही शोभा यात्रा हुडा सेक्टर-2 से निकाली गई, जिसका समापन बघेल धर्मशाला कुशलीपुर में हुआ। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर तिरंगा झंडा लेकर शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने शोभा यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान होल्कर जयंती पर बघेल युवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने सभी का स्वागत किया। कुशलीपुर स्थित बघेल धर्मशाला में जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी लगाया गया। शिविर में 24 लोगों ने रक्तदान किया। नागरिक अस्पताल पलवल की टीम के डॉ. सरफराज, सोमेश, ज्ञानवती, रविंद्र, कर्मवीर व जिला रेडक्रॉस सोसाइटी पलवल की टीम में जिला प्रशिक्षण अधिकारी नीतू सिंह, भोजपाल, सूर्यकांत, हेमा, भूरी, सुनैना, अशोक, ऊषा, नितिन, उमाशंकर, हरबंश, सुमित आदि का इस शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। संवाद