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Palwal News: महाग्राम योजना से बदलेगी आठ गांवों की तस्वीर

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जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कराएगा विकास कार्य, एसटीपी, ट्यूबवेल और पानी की टंकियां भी होंगी स्थापित
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हेमंत शर्मा
पलवल। जिले के आठ गांवों में अच्छे दिन आने की उम्मीद जगी है। दावा है कि यहां की वर्षों पुरानी मूलभूत सुविधाओं की मांग जल्द पूरी होगी। हरियाणा सरकार की महाग्राम योजना के तहत जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करीब 123 करोड़ रुपये की लागत से चांदहट, कुशक और बड़ौली समेत अन्य गांवों में पेयजल एवं सीवरेज से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करेगा।

योजना के तहत गांवों में नई सीवर लाइन, पेयजल पाइपलाइन, ट्यूबवेल तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने के बाद ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और जल निकासी की सुविधा मिलेगी। साथ ही, वर्षों से चली आ रही जलभराव, गंदे पानी की निकासी और पेयजल संकट जैसी समस्याओं से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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विभागीय योजना के अनुसार, जिले के बड़ोली गांव में 34 करोड़ रुपयों, चांदहट गांव में 42 करोड़ रुपयों, कुशक, अच्छेजा, भवाना, बेरका, करीमपुर, च्यवन का नगला गांव में 47 करोड़ से कार्य होंगे। इस तरह कुल 123 करोड़ रुपये की लागत से कार्य होंगे। टेंडर के अनुसार इन गांवों में सीवर लाइन और पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही ट्यूबवेल भी स्थापित किए जाएंगे। सीवर लाइन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ी जाएंगी और पेयजल लाइन को बूस्टिंग स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इसके बाद घरों में सीवर और पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे। इससे जलभराव और खुली नालियों से फैलने वाली गंदगी से छुटकारा मिलेगा। साथ ही पानी की किल्लत से छुटकारा। यह कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा। इससे करीब 40 हजार की आबादी को फायदा होगा।


जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता हेमंत ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। नई पाइपलाइन और सीवर नेटवर्क के साथ जलापूर्ति व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे भविष्य में बढ़ती आबादी की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके। परियोजना का टेंडर 28 जुलाई को जारी किया जा चुका है। विभागीय प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने इस परियोजना को 31 मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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जीवन स्तर में होगा सुधार
लंबे समय से इन गांवों में सीवर व्यवस्था और पर्याप्त पेयजल सुविधाओं का अभाव था। महाग्राम योजना के तहत शुरू होने वाले इन विकास कार्यों से न केवल आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। विभाग को उम्मीद है कि परियोजना पूरी होने के बाद तीनों गांवों के हजारों परिवारों को स्वच्छ जल, बेहतर स्वच्छता और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
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