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गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने की बनाई रणनीति

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पलवल। ट्रैक्टर रैली के बाद किसानों का जोश काफी बढ़ा हुआ है। वे अब दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में ट्रैक्टरों से पहुंचने की रणनीति बना रहे हैं। शुक्रवार को एक ओर जहां धरना चलता रहा, वहीं पूरे दिन 26 जनवरी की परेड की रणनीति बनाई गई, दूसरी ओर किसानों और सरकार की वार्ता पर भी मोबाइल फोनों के माध्यम से नजर रखी जाती रही।
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कृषि कानूनों के विरोध में 34 दिनों से धरने पर बैठे किसानों का जोश बना हुआ है। शुक्रवार को केजीपी-केएमपी इंटरचेंज के अटोहां मोड़ पर धरने पर बैठे किसानों ने जहां सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, वहीं हुक्का गुड़गुड़ाते हुए सरकार के खिलाफ आगे आंदोलन की रणनीति बनाई। सभी लोग किसान नेताओं व सरकार के बीच की वार्ता पर भी पूरी तरह नजर रखे हुए थे। किसान नेताओं का कहना था कि यदि सरकार ने अब उनकी मांगे नहीं मानी और इन कानूनों को वापस नहीं लिया, तो अगला कदम सरकार के लिए भारी होगा। सरकार को लगता है कि किसानों पर ध्यान न देकर उनके हौसले को कम कर दिया जाएगा, तो यह उनकी भूल है। किसान अब पीछे हटने वाले नहीं हैं।
पूरे दिन चलता रहा लंगर
किसान आंदोलन के तहत जहां एक तरफ किसानों का धरना चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ लंगर चल रहा है। लंगर सुबह चाय-नाश्ते के साथ शुरू होकर देर रात के खाने तक चलता रहा। वहीं दूसरी ओर सेवादार भी पूरी तरह से लोगों की सेवा में लगे रहे।
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हुक्का गुड़गुड़ाते हुए बना रहे रणनीति
ठंड के मौसम में एक तरफ अलाव जलाकर तो दूसरी तरफ हुक्का गुड़गुड़ाते हुए किसान नेता आगे की रणनीति बनाते नजर आए। किसान नेताओं का कहना है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में ट्रैक्टर लेकर दिल्ली पहुंचेंगे।
लोकगीतों से बढ़ाया मनोबल
धरना स्थल पर पहुंची ब्राह्मण समाज की महिला मित्र मंडली ने लोकगीतों के माध्यम से किसानों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने भजन-संकीर्तन के द्वारा सरकार पर टिप्पणियां कीं। महिलाओं के साथ क्षेत्र के लोक गायक कलाकारों ने भी सुर ताल मिलाकर किसानों का हौसला बढ़ाने का काम किया।
सुरक्षा को लेकर तैनात पुलिस कर्मी
किसान आंदोलन को लेकर धरने पर बैठे किसानों की सुरक्षा में अब पुलिस टीम के अलावा रैपिड पुलिस फोर्स व मिलिट्री के जवान भी तैनात हैं। ये सुरक्षा कर्मी जहां किसानों पर पूरी तरह से नजर रख उनकी सुरक्षा कर रहे हैं, वहीं वहां से गुजरने वाले वाहनों को भी निकलने में मदद कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश और उड़ीसा के किसानों ने की भूख हड़ताल
शुक्रवार को मध्य प्रदेश व उड़ीसा के 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें मध्य प्रदेश से करण सिंह अहरवाल, डॉ. राम निवास उपाध्याय, उड़ीसा से कार्तिक स्वर्ण, शालीमखंडी, सरोज नायक, जातिन माहंति, चमन सौरोत, श्रद्धानंद सरस्वती पलवल, राजीव दीक्षित भिंड, सुरेश पटेल, नरसिंहपुर व यदुराज भिंड शामिल हैं।
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