बलिदानी के पिता दयाचंद ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। बेटे ने देश की रक्षा में अपनी प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि अभी उनके दो बेटों के अलावा बलिदानी दिनेश का पांच वर्षीय बेटा दर्शन व सात वर्षीय बेटी काव्या हैं, जिन्हें वह देश की सेवा में भेजेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की तरफ से हो रही गोलाबारी में बलिदान हुए लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक निवास पलवल लाया गया। देश की रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले 30 वर्षीय बलिदानी दिनेश कुमार शर्मा जम्मू कश्मीर के पुंछ राजौरी बॉर्डर पर तैनात थे। बलिदानी दिनेश कुमार पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो सगे भाई के अलावा तीन चचेरे भाई सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर रहे हैं।
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बलिदानी के पिता दयाचंद ने कहा कि मुझे अपने बेटे पर गर्व है। बेटे ने देश की रक्षा में अपनी प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि अभी उनके दो बेटों के अलावा बलिदानी दिनेश का पांच वर्षीय बेटा दर्शन व सात वर्षीय बेटी काव्या हैं, जिन्हें वह देश की सेवा में भेजेंगे। उन्होंने कहा कि दिनेश के छोटा भाई कपिल जम्मू कश्मीर व हरदत्त भोपाल में तैनात हैं।
कल सुबह सेना के अधिकारी ने घायल होने की सूचना दी थी। वर्ष 2014 में दिनेश में तोपखाना रेजिमेंट में लांस नायक के पद पर भर्ती हुए थे। जिला उपायुक्त डॉ, हरीश कुमार ने बताया बलिदानी के पार्थिव शरीर को लेकर सेना के अधिकारियों से संपर्क बनाया जा रहा है। उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।