पलवल। अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से शनिवार को शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कृषि कानूनों की वापसी, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी व बिजली संशोधन बिल 2020 आदि की मांग उठाई गई। जलूस निकालकर सभी लोग अटोहां मोड़ पर चल रहे धरने में शामिल हुए।
प्रदर्शन में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि 14 फरवरी को मसाल जुलूस निकालकर किसान आंदोलन में मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। किसान नेताओं ने बताया कि देश का अन्नदाता नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। खेती व किसानी संकट के दौर से गुजर रहे हैं। किसान लगातार आत्महत्या कर रहा है। अगर ये तीन कृषि कानून लागू होते हैं, तो खेती पर कॉरपोरेट का कब्जा हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार सरकारी विभागों को बेचने पर लगी हुई है। श्रम कानूनों में पूंजीपतियों के हित में मजदूर विरोधी संशोधन करके मजदूरों के अधिकारों को छीना जा रहा है। मजदूरों को अब 8 की बजाय 12 घंटे काम करना पडे़गा। बिजली का निजीकरण होने पर किसानों को महंगी बिजली दी जाएगी। सरकार जानबूझकर आंदोलन को लंबा खींच रही है। अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद ने की जबकि इस मौके पर रूपराम तेवतिया, तारा चंद, दरियाब सिंह, श्रीपाल सिंह भाटी, भागीरथ बेनीवाल, राजेंद्र घर्रोट आदि मौजूद रहे।