पलवल। भाजपा सरकार ब्रिटिश शासन की याद दिला रही है। जिस प्रकार ब्रिटिश सरकार ने किसानों पर जुल्म किए थे, उसी राह पर भाजपा की केंद्र सरकार चल रही है। 13 अप्रैल 1919 को अंग्रेजी सरकार ने जलिया वाला बाग में बेकसूर किसानों पर गोलियां चलाई थी, उसी प्रकार भाजपा सरकार ने ठंड में किसानों पर पानी की बौछारें करवाई तथा लाठियां भांजी। आंदोलन के दौरान 200 से अधिक किसानों की मौत हो गई, लेकिन सरकार अपनी हठधर्मी पर अड़ी हुई है। यह बातें सोमवार को किसान आंदोलन के दौरान वक्ताओं ने कही। वहीं दो दिवसीय चौपाई प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
केेएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर बुधवार को मास्टर महेंद्र चौहान ने कहा कि क्षेत्रीय किसानों ने बीते तीन माह में सरकार को यह दिखा दिया है कि वे अपने हकों की लड़ाई के लिए कुछ भी कर सकते हैं। तीन माह के दौरान किसानों ने कई बार ट्रैक्टर रैली निकाली गई, रोड जाम किया गया, टोल माफ करवाए गए, रेलवे ट्रेक को जाम करवाया गया। इसके अलावा ट्रैक्टर परेड के दौरान पुलिस के साथ भिड़ंत हुई, जिसमें काफी किसानों को चोट आई। उसके बावजूद भी किसानों का हौसला कम नहीं हुआ। किसान आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। किसान किसी भी कीमत पर कानून वापसी के बिना नहीं हटेंगे। इस अवसर पर वक्ताओं ने भारी संख्या में जुटे किसानों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान किसानों ने संकल्प लिया कि आंदोलन की खिलाफत करने वाले नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। धरने की अध्यक्षता पंडित नंदराम सरपंच पहरा व संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। इस मौके पर 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार, राजकुमार ओहलियान, सोहनपाल चौहान, बीधू सिंह, धर्मचंद घुघेरा, दरियाब सिंह, राजेश रावत बहीन, घनश्याम ततारपुर, इंद्रसिंह रावत, धन्नीराम, राजबीर अलावलपुर, ललित बहीन, हरप्रसाद औरंगाबाद आदि मौजूद रहे।
15 चौपाई और 27 तुकिया पार्टियों को किया समामनित
धरने में शनिवार व रविवार को चौपाई व तुक के जरिये किसानों को जागरूक करने वाली पार्टियों को पुरस्कृत किया गया। सम्मानित होने वालों में अलावलपुर, मास्टर हरीसिंह मीतरौल, चांदहट, बढा, दीघोट, जोधपुर, मुरारी लाल मीतरौल, छाता, पेलक, जनौली, मीरापुर, जनौली, सौंदहद, मवासी राम रींडका व निसार कोट की चौपाई पार्टी, वहीं तुकिया भोंदा अलावलपुर, बेदराम मंडकौला, खिलौनी घर्रोट, रामकिशन धामाका, टेकचंद जनौली, मुरारीलाल मीतरौल, तेजपाल सैलोटी, रूपचंद औरंगाबाद, ब्रजलाल मीतरौल, बस्तीराम अलावलपुर, सुंदर सिंह अलावलपुर, वीरपाल औरंगाबाद, जयपाल मछगर, हरी सिंह सैलोटी, लिखीराम मंडकौला, राजवीर अलावलपुर, बिजेंद्र सिंह जनौली, रायदासका, रतिराम किठवाड़ी, जगत सिंह चिरवाड़ी, सुमेर सिंह कलसाड़ा, वेद औरंगाबाद, बलराम अटोहां, जयराम अटोहां, आराध्या दलाल, डिंगबर अलावलपुर, तेजपाल मीतरोल को भी सम्मानित किया गया।