पलवल के गांव जनौली में ट्रैक्टर से खेत को जोतने वाले किसान को रोकते किसान नेता।
- फोटो : Palwal
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में गांव जनौली के किसान अजीत सिंह ने छह बीघे जमीन में खड़ी गेहूं की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। जानकारी मिलते ही किसान नेता और धरना दे रहे ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर अजीत को फसल जोतने से रोका। साथ ही अन्य किसानों से भी ऐसे न करने की अपील की। वहीं, अटोहां मोड़ पर चले रहे धरने पर बैठे किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
शुक्रवार को रोजाना की तरह सुबह से ही किसान धरनास्थल पर पहुंचने शुरू हो गए। इस दौरान धरने पर बैठा जनौली गांव का अजीत किसानों की बातें सुनने के बाद एकाएक भावुक हो गया और धरने से उठकर गांव की ओर चल दिया। गांव पहुंचने के बाद पहले वह अपने खेतों पर पहुंचा। वहां खेतों में खड़ी फसल को काफी देर तक निहारने के बाद अपने घर पहुंचा और ट्रैक्टर में कल्टीवेटर जोड़कर फसल को जोतना शुरू कर दिया।
उसके द्वारा फसल पर ट्रैक्टर चलाते देख गांव में शोर मच गया। इस बात की सूचना जैसे ही धरने पर बैठे किसानों को पता चली तो वे जनौली गांव में पहुंच गए। वहां पहुंचते ही उन्होंने अजीत को फसल बरबाद करने से रोका। लेकिन तब तक वह अपनी दो एकड़ जमीन में से छह बीघा जमीन में खड़ी फसल बरबाद कर चुका था।
दूसरी ओर धरनास्थल पर किसानों ने 15 मार्च को मनाए जाने वाले सरकार विरोधी दिवस को लेकर निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों के प्रदर्शन को समर्थन देने का निर्णय लिया। इस दौरान धरने की अध्यक्षता हेतलाल पहलवान अलावलपुर ने की। संचालन राज कुमार ओलिहान ने किया।
फसल बरबाद न करें किसान
किसान नेताओं ने 52 पाल के अध्यक्ष अरुण जेलदार के नेतृत्व में गांवों में जाकर किसानों को जागरूक किया कि वे अपनी फसल को बरबाद न करें। उन्होंने कहा कि यह अन्न है। अन्न के बिना किसान कुछ नहीं है। इसलिए फसल बरबाद न करें, बल्कि फसल बरबाद करने के बजाय सरकार के खिलाफ खुद भी एकजुट हों और अन्य वर्गों को भी एक जुट करने का काम करें।