समगौत्र विवाह को लेकर मंगरिया तंवर गौत्र पाल के गांवों ने गांव खिल्लूका की घेराबंदी शुरू कर दी है। हालात ये बने हुए हैं कि गांव गुराकसर, पचानका, गौहपुर, अंधरौला एवं मोहदमका के लोगों ने शनिवार की रात को गांव गुराकसर में संयुक्त पंचायत की। पंचायत में फैसला लिया गया है कि यदि गांव खिल्लूका के लोगों ने गुराकसर गांव की लड़की को वापस नहीं दिया तो उक्त गांव का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा तथा गांव के लोगों की नाकाबंदी भी की जाएगी।
उसी समय से पांचों गांवों में सार्वजनिक मुनादी भी कराई गई तथा प्रमुख मार्गों पर पहरा लगा दिया गया। कहा गया है कि किसी भी स्थान पर यदि खिल्लूका का कोई आदमी मिलेगा तो उसे वहीं घेर लिया जाएगा। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। अब हालात ये हो गए हैं कि गांव खिल्लूका के लोग अपने गांव में ही घिरकर रह गए हैं।
विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में 110 छात्र गांव खिल्लूका के निवासी हैं जो कि हथीन, पलवल व फरीदाबाद तक जाते हैं। अभिभावकों में बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता व्याप्त हो गई है। दोनों गांवों के लोगों ने इससे पूर्व में पुलिस को शिकायतें की हैं। लेकिन ताजा मामले में अभी तक किसी ने भी हथीन थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
खिल्लूका गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन को स्वयं पहल करके इस विवाद का निपटारा कराना चाहिए। इस बारे में हथीन के डीएसपी बलवीर सिंह का कहना है किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि गांव गुराकसर की एक युवती ने गांव खिल्लूका के युवक के साथ निकाह कर लिया था। यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। गुराकसर गांव के लोगों ने निकाह को अवैध कराने का प्रयास किया लेकिन हाईकोर्ट ने निकाह करार दे दिया।
युवक और युवती दोनों एक ही गौत्र के हैं। स्थानीय खाप पंचायत को यह समगौत्र विवाह मंजूर नहीं है। इसी के चलते विवाद और तनाव के हालात बन गए हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्यस्थों के माध्यम से तथा पंचायत के दबाव के चलते गंाव खिल्लूका के लोगों ने उक्त निकाह पर पुनर्विचार करने की बात कही थी। कुछ शर्तें लगाकर गुराकसर वालों को उक्त लड़की सौंपने का वादा भी किया गया था परंतु शर्तें पंचायत को मंजूर नहीं थीं। इस कारण विवाद नहीं सुलझ पाया। मामले में खुफिया विभाग ने भी राज्य मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।