शहर के लोगों ने जोहड़ व तालाबों की जमीन पर कब्जा कर रखा है। इस कारण शहर में पानी की निकासी ना होने से अक्सर नालियों का गंदा पानी खड़ा रहता है।
होडल में सत्ती का तालाब, कच्चा तालाब व पंडवन मंदिर में तालाब स्थित हैं। सत्ती सरोवर के तालाब के लिए गौडोता रोड़ के समीप आने बाले नहरी पानी के रास्ते पर पूरी तरह से लोगों द्वारा कब्जा कर लेने के कारण यह तालाब पूरी तरह से सूख गया है।
कच्चा तालाब पर भी कब्जे होने के कारण तालाब का अस्तित्व लगभग समाप्त होने के कगार पर है। पांडवन के तालाब की उचित देखभाल ना होने के कारण वो भी बिलकुल सूख गया था तथा ट्यूबवेल से पानी भरा गया है।
इसी प्रकार ही होडल में लगभग बारह जोहड़ों में पूरे शहर का पानी जाता था। इन जोहड़ों में पानी भरा होने के कारण सभी जानवर वहीं पर नहाते थे, तथा शहर में पानी का चौबा भी काफी ऊपर था। लेकिन इन जोहड़ों पर कब्जे होने के कारण पूरे होडल शहर में केवल तीन- चार जोहड़ ही बच पाए हैं। लेकिन इन पर भी धीरे- धीरे लोगों द्वारा कब्जा होने लगा है। जोहड़ों के समाप्त होने के कारण ही शहर में गंदे पानी की निकासी की समस्या ने विकराल रूप धारण किया हुआ है। शहर में चारों ओर मुख्य रास्तों पर नालियों का सारा गंदा पानी खड़ा रहता है।