जाट आरक्षण में कथित रुप से सरकार द्वारा की जा रही वायदा खिलाफी व आरक्षण की मांग को लेकर जाट धर्मशाला में जाटों की महापंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत को संबोधित करते हुए रोहतक से आए संघर्ष समिति के अध्यक्ष धर्मपाल हुड्डा ने कहा कि फरवरी माह में हुए आरक्षण आंदोलन के दौरान सोची-समझी साजिश के तहत देश-विदेश में जाट समुदाय को बदनाम किया गया। उन्होंनेे सुझाव दिया कि भविष्य में जाट आरक्षण की बजाय इसे किसान आरक्षण मंच या समिति का नाम दिया जाए।
धर्मपाल हुड्डा ने कहा कि यदि जाट आरक्षण की बजाए इसका नाम किसान आरक्षण मंच या समिति रख दिया जाए तो इसमें रोड, त्यागी, मेडु जाट व सिक्ख सहित पांच जाति जुड़ी हैं, वे जाति भी हमारे साथ हो जाएंगी। और उन जातियों की हम एक बैठक बुलाएं।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि सरकार में प्रभावशाली एक व्यक्ति के यहां हुई आगजनी की जांच सीबीआई से कराई जा रही है। जबकि जो नौ बच्चे दूसरी जातियों वाले मारे गए और आठ धर्मशालाएं क्षतिग्रस्त की गईं, उनकी कोई जांच नही हुई। सरकार से मांग की गई कि उनकी भी पूर्ण स्पष्ट तरीके से जांच कराई जाए।
पंचायत की अध्यक्षता कर रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह दलाल ने कहा कि सरकार ने अपने वायदे के अनुसार अभी तक हमें आरक्षण नही दिया है। हमारे जिन बच्चों पर केस दर्ज हैं उनकी भी सरकार कोई सुनवाई नही कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जाटों की मांगो पर कोई सकारात्मक पहल नही की तो 13 सितंबर रोहतक में होने वाली महापंचायत में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
महापंचायत में हरियाणा व यूपी की खापों के प्रधानों ने हिस्सा लिया। जिनमें महम चौबेसी के प्रधान तुलसी ग्रेवाल, रोहतक से संघर्ष समिति के अध्यक्ष धर्मपाल हुड्डा, सतरौल खाप के प्रधान इंद्रसिंह मोर, कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला, बेरी झज्जर से काद्यान खाप के प्रधान केदार सिंह, अहलावत खाप से जयसिंह अहलावत, बलहारा खाप से डीएस बलहारा व सरहद खाप से जयसिंह हुड्डा सहित कई अन्य खापों के प्रधान मौजूद रहे।