जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सक्रिय रहे लोगों की मुसीबत बढ़ सकती हैँ। पलवल जिले में आंदोलन के दौरान नौ मुकदमे दर्ज हुए थे। अब हाईकोर्ट ने सभी मुकदमों की स्टेटस रिपोर्ट सरकार से मांगी है। ऐसे में उन लोगों के लिए परेशानी बढ़ सकती है जोकि जाट आरक्षण आंदोलन की अगुवाई कर रहे थे।
जिला पुलिस ने विभिन्न थानों में नेशनल हाईवे रोकने, स्टेट हाईवे रोकने तथा अन्य धाराओं में नौ मुकदमे दर्ज किए थे। आजतक एक भी मुकदमे में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस सभी मुकदमों में जांच होने का बहाना बनाती रही है। जबकि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सक्रिय रहने वाले लोग इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में छाए रहे। इसके बावजूद पुलिस अभी तक नेशनल हाईवे जाम करने वालों का पता नहीं लगा पाई है।
अब जबकि हाईकोर्ट ने सभी मुकदमों की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है, तो पुलिस सभी मुकदमों को खंगालने में जुट गई है। हाईकोर्ट ने हल्का मजिस्ट्रेटों से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक हल्का मजिस्ट्रेेटों ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेज दी है।