पौराणिक कथाओं में अपना स्थान रखने वाले बृज क्षेत्र के चमेली वन को पर्यटक स्थल में बदलने की योजना को शीघ्र ही पंख लगने वाले हैं। सीएम मनोहर लाल ने भी इसे अपनी स्वीकृति देते हुए इसके लिए दो करोड़ रुपये की अनुदान राशि तय कर दी है व जिला प्रशासन इसकी योजना बनाने में जुट गया है।
होडल के गांव भुलवाना से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित चमेली वन 100 एकड़ से अधिक भूमि में फैला हुआ है। वन में लगे हुए चमेली और कदम के पेड़ों के अलावा अनेक प्रकार के खुशबूदार पेड़-पौधे माहौल को सुगंधित बनाए रखते हैं तथा आम जनमानस को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। मथुरा वृंदावन की यात्रा पर जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु चमेली वन का भी रुख करते हैं।
यहां बना हुनमान जी का मंदिर व सरोवर भक्तों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। मंदिर में साथ ही साथ भगवान राम, कृष्ण, शिव व शनिदेव के मंदिर भी बने हुए हैं। जहां देवताओं के दर्शन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों सहित स्थानीय लोगों की आवाजाही बनी रहती है। भविष्य में इसे आकर्षक रूप दिए जाने की योजना से जहां मंदिर की महता बढ़ेगी, वहीं पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने से रोजगार व विकास भी होगा।
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पौराणिक कथाओं में भी है महत्व
बृज क्षेत्र का ऐतिहासिक चमेली वन धाम खुद में भगवान श्री कृष्ण की अनेकों यादें संजोए हुए है। पौराणिक कथाओं में भी इसका जिक्र आता है। किदवंतियों के अनुसार द्वापर युग भगवान श्री कृष्ण स्वयं चमेलीवन में गाय चराने के लिए आया करते थे। इसके अलावा और भी प्रसंग आते हैं, जिनमें कि चमेली वन से भगवान कृष्ण के जुड़ाव के संकेत मिलते हैं।