9 महीनों से पूरी तरह ठप है कोविड काल में जीवन देने के लिए शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट यूनिट
अस्पताल में नहीं है कोरोना का पता लगाने के लिए आरटी पीसीआर जांच की सुविधा
निशांत पटेल
पलवल। अभी हाल ही में गुरुग्राम और फरीदाबाद में कोरोना के पांच मामले सामने आए हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर बिल्कुल भी सतर्क नहीं है। स्थिति यह है कि जिले के नागरिक अस्पताल में इस नए वेरिएंट की जांच के लिए प्रयोग की जाने वाली आरटी पीसीआर की भी सुविधा नहीं है। इतना ही नहीं, अस्पताल में मरीजों के साथ-साथ कोविड काल के दौरान शुरू हुआ आइसोलेशन वार्ड, डॉक्टर रूम व आईसीयू को खुद उपचार की दरकार है। आस-पास के जिलों में बढ़ रहे मामलों को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हालत बेहद चिंताजनक है।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विभाग तैयार नहीं
जिला नागरिक अस्पताल में कोरोना काल के दौरान उपलब्ध कराई गईं सुविधाएं अब जर्जर अवस्था में हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा न तो इनकी मरम्मत करवाई गई और न ही इनका किसी अन्य स्वास्थ्य सेवा में उपयोग किया गया। अब ये संसाधन धीरे-धीरे और खराब होकर जर्जर होते जा रहे हैं। अस्पताल की वर्तमान स्थिति किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। 2021 में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के समय सरकार की ओर से तात्कालिक जरूरतों को देखते हुए करोड़ों रुपये की लागत से चार आइसोलेशन वार्ड, दो डॉक्टर कक्ष, एक आईसीयू वार्ड और एक ओपीडी रूम और ऑक्सीजन सपोर्ट यूनिट जैसी सुविधाएं तैयार करवाई गई थीं। इसके अलावा जिला नागरिक अस्पताल के तीसरे तल पर स्थित मॉलीक्यूलर लैब भी बंद पड़ी है। इस कारण फिलहाल अस्पताल में कोरोना के नए वैरियंट का पता लगाने के लिए आरटी पीसीआर जांच की सुविधा नहीं ही नहीं है।
9 महीनों से ठप है ऑक्सीजन प्लांट यूनिट
2021 में पीएम केयर फंड से 500 लीटर का प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता वाले प्लांट को स्थापित किया गया था। लेकिन पिछले नौ महीनों से यह ठप पड़ा है। सूत्रों के अनुसार कुछ ऐसा ही हाल होडल के नागरिक अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट का है। दोनों प्लांट कुछ दिन तो चले, लेकिन उसके बाद ठप हो गए। अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति सिलिंडरों के माध्यम से की जा रही है। इस कारण अस्पताल प्रशासन निजी प्लांट से ऑक्सीजन खरीदकर मरीजों को उपलब्ध करवा रहा है। प्रति माह लगभग सवा लाख रुपये की आक्सीजन सिलिंडर निजी प्लांट से मंगाया जा रहा है।-
हम इन सुविधाओं को जल्द दोबारा शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। तकनीकी निरीक्षण कराकर जल्द ही आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट को ठीक करवाया जाएगा। जांच की सुविधा भी बहाल की जाएगी। कोरोना से निपटने के लिए एक रणनीति तैयार की जा रही है। साथ ही नागरिकों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है। - डॉक्टर जयभगवान जाटान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पलवल