पलवल। दादरी-मुंबई रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में बरती गई अनियमितताओं के मामले में विवाद खत्म नहीं हो रहा है। अब जिला उपायुक्त नरेश नरवाल ने छह पटवारियों सहित आठ कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। कैंप थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में एसडीएम कंवर सिंह को निलंबित किया जा चुका है। जबकि, एसडीएम जितेंद्र कुमार और नरेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, यूपी के दादरी से नवी मुंबई रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए जिले के करीब 10 गांवों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। गांव असावटी, जटौला, मैदापुर, पृथला में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिगृहीत जमीन का अवार्ड घोषित कर दिया गया। रेलवे की पॉलिसी के अनुसार जिस किसान की जमीन अधिगृहीत हुई, उसे सरकारी नौकरी या पांच लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाने थे। लाभ लेने के लिए 6, 7, 12, 15 और 30 गज के टुकड़ों में की गई रजिस्ट्रियों में करीब 400 लोग शामिल कर लिए गए। करीब 100 गज जमीन के लिए 400 मालिकों को 22.5 करोड़ रुपये अवार्ड घोषित किया गया। रेलवे अधिकारियों को इतनी मोटी धनराशि जारी करने के दौरान शक हुआ और मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई। मामले का खुलासा होने पर जांच के लिए अतिरिक्त उपायुक्त सतेंद्र दूहन के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई। कमेटी ने तीन एसडीएम, पांच तहसीलदार, चार रजिस्ट्री क्लर्क सहित 20 लोगों को मामले में संलिप्त पाया।
पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने बताया कि जिला उपायुक्त नरेश नरवाल ने शिकायत दी है कि दादरी-मुंबई रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण में रेलवे नियमों का लाभ उठाने के लिए छह पटवारी, एसडीएम रीडर और एक कंप्यूटर ऑपरेटर ने नजदीकी रिश्तेदारों के नाम जमीन खरीदी। इनमें सुरेश पटवारी एसडीओ (सी) सह एलएसी कार्यालय पलवल, कुलबीर पटवारी डीआरओ-सह-एलएसी कार्यालय फरीदाबाद, बाबू लाल पटवारी डीआरओ, सह-एलएसी कार्यालय फरीदाबाद, विकास पटवारी डीआरओ कार्यालय पलवल, बलबीर पटवारी एसडीओ (सी) सह एलएसी कार्यालय पलवल, वरुण देव डीईओ एसडीओ (सी) सह एलएसी कार्यालय पलवल, राजेश पटवारी डीआरओ सह-एलएसी कार्यालय फरीदाबाद तथा सुनील रीडर एसडीओ(सी) पलवल शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।