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Palwal News: 17 करोड़ रुपये देने के बावजूद भी नहीं पूरा हुआ इंडोर स्टेडियम का कार्य

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04श्चड्डद्यश्च3- पलवल में बनाया गया इंडोर स्टेडियम।
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04श्चड्डद्यश्च4- इंडोर स्टेडियम की जर्जर छत का दृश्य।
04श्चड्डद्यश्च5- स्टेडियम में चल रहा सफाई का कार्य।
04श्चड्डद्यश्च6- धुरेंद्र सिंह हुड्डा, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी
14 करोड़ में बनना था स्टेडियम, ठेका कंपनी की लापरवाही के बावजूद भी पौने तीन करोड़ रुपये अतिरिक्त किए जारी
प्रवीण बैंसला
पलवल। इंडोर खेलों को बढ़ावा देने के लिए 17 करोड़ खर्च रुपये करने बावजूद भी खिलाड़ियों को फायदा नहीं मिल रहा है। करीब छह एकड़ में बनाया गया इंडोर स्टेडियम को हैंड ओवर करने की तारीख को निरंतर बढ़ाया जा रहा है। स्टेडियम निर्माण करने वाली कंपनी की मनमानी जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के साथ जिले के खिलाड़ियों पर भी भारी पड़ रही है। 14 करोड़ रुपये की तय राशि में बनने वाले स्टेडियम के खामियों को पूरा करने के नाम पर ठेका कंपनी ने करीब पौने तीन करोड़ रुपये और ले लिए, परंतु उसके बावजूद अभी तक खामियों को दूर नहीं किया है। जिला उपायुक्त के साथ पिछली बार हुई बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार ने काम पूरा करने के लिए दो माह का समय मांगा था, परंतु वह समय पूरा होने के बावजूद भी स्टेडियम में काम तक शुरू नहीं किया गया है।
दरअसल, जिले के नेताजी सुभाष चंद्र बोस खेल स्टेडियम के पीछे करीब छह एकड़ जमीन पर इंडोर स्टेडियम बनाया जाना था। लोक निर्माण विभाग द्वारा गुरुग्राम की आल्या इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट लिमिटेड कंपनी को स्टेडियम निर्माण का ठेका दिया। खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के निर्माण के लिए 13 करोड़, 96 लाख, 51928 रुपये की राशि ठेका कंपनी को साल 2020 में ही जारी कर दी। स्टेडियम निर्माण की समय सीमा 27 जून 2022 रखी गई, परंतु तय समय में काम पूरा नहीं हुआ। ठेका कंपनी ने काम पूरा करने का दावा किया तो अधिकारियों ने स्टेडियम का दौरा किया, जिसमें काफी खामियां पाई गईं। ठेका कंपनी का ठेका रद्द करने की बजाय विभाग द्वारा खामियों को दूर करने के लिए 2.78 करोड़ रुपये और जारी कर दिए गए। राशि मिलने के बावजूद भी खामियों को दूर करने काम शुरू नहीं किया गया। करीब दो माह पहले कार्यों की समीक्षा बैठक में जिला उपायुक्त नेहा सिंह ने लोक निर्माण विभाग से जबाव मांगा, जिस पर दो माह के अंदर पूरा करने का आश्वासन दिया, परंतु अभी तक वहां कोई काम शुरू नहीं किया गया है।
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इंडोर स्टेडियम में 1868 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि इसका कवर्ड एरिया 36916 वर्ग फुट है। स्टेडियम में बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कुश्ती, सॉफ्टबॉल, जिम्नास्टिक, वेटलिफ्टिंग, जूडो, कराटे और स्केटिंग सहित अन्य खेलों की व्यवस्था की गई है। स्टेडियम के शुरू हो जाने से खिलाड़ियों को उक्त खेलों के अभ्यास के दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ेगा।
दरअसल, बीती साल 19 अक्टूबर को अतिरिक्त उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। स्टेडियम में काफी खामियां पाई गईं। स्टेडियम में फॉल्स सीलिंग, दरवाजे, खिड़कियों के शीशे व टाइल टूटी मिलीं। कई जगह पर दीवारों में दरारे भी थीं। निरीक्षण में पाया गया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण बारिश का पानी स्टेडियम में टपक रहा था। साथ ही स्टेडियम के अंदर बिछाया गया फर्श भी खिलाड़ियों के खेलने के लिए उपयुक्त नहीं था। बिजली का काम भी अधूरा था।
इंडोर स्टेडियम को अभी तक ठेकेदार द्वारा हैंडओवर नहीं किया गया है। उसके बावजूद भी जिला प्रशासन द्वारा अंत्योदय मेले के आयोजन के लिए इंडोर स्टेडियम को चुना गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के तहत अंत्योदय मेला लगाया जाएगा।
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इंडोर स्टेडियम का निर्माण तय सीमा में पूरा नहीं किया गया, साथ ही निर्माण में काफी खामियां भी बरती गईं। छत की सीलिंग टूटी हुई है। खिड़कियां दरवाजे टूटे हुए हैं। बार-बार ठेकेदार को काम करने के लिए कहा जा रहा है। 2.78 लाख रुपये की राशि भी जारी कर दी गई है। ठेकेदार ने दो माह का समय मांगा था, परंतु अभी तक काम भी शुरू नहीं किया गया है। जल्द ही जिला उपायुक्त से शिकायत की जाएगी। - धुरेंद्र सिंह हुड्डा, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी
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