रात्रि के समय सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे संचालित होटल, ढाबों और अस्थायी दुकानों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि प्रशासन की चेतावनी और कार्रवाई किए जाने के बावजूद गांव रवा, शहीद सहित अन्य स्थानों पर अवैध कट बनाकर होटल-ढाबों का संचालन जारी है।
एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहन चालक पानी, चाय, दूध, बिस्कुट, नमकीन एवं अन्य खाद्य सामग्री लेने के लिए इन स्थानों पर वाहन रोकते हैं। विशेषकर रात्रि के समय सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। गांव रवा के निकट स्थित एक होटल के बाहर अक्सर बड़ी संख्या में वाहन खड़े दिखाई देते हैं, जिससे यातायात सुरक्षा प्रभावित होती है।
समाजसेवी रमेश कैमरा, सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष वेद प्रकाश माहेश्वरी, नगर पार्षद गौरव जैन, नगर पार्षद महेंद्र कौशिक, पूर्व पार्षद अशोक गुर्जर तथा मेवात कारवां के अध्यक्ष डॉ. अशफाक आलम सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे के किनारे बने सभी अवैध कट तत्काल बंद किए जाएं तथा अवैध होटल-ढाबा संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कोट
रात्रि गश्त के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पांच वाहन अवैध रूप से खड़े मिली। इन पांचों वाहनों के मालिकों के विरुद्ध सदर थाना फिरोजपुर झिरका में मामला दर्ज करवा दिया है। -हरदीप सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, फिरोजपुर झिरका।
सात बार अवैध रूप से चल रहे होटल-ढाबों को प्रशासन द्वारा पूरी तरह हटा दिया गया। इसके अलावा बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा होटल, ढाबों पर अवैध रूप से लगाई हुई बिजली को लेकर लगभग एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए गए। जल्द ही बड़ी कार्रवाई दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर प्रशासन द्वारा की जाएगी। -लक्ष्मी नारायण, एसडीएम, फिरोजपुर झिरका।