पलवल। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की एक बैठक बुधवार को विश्रामगृह में आयोजित की गई। जिसमें बिजली अमेंडमेंट बिल 2021 को पारित करने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। वहीं 26 फरवरी को डीसी कार्यालय पर आयोजित सामूहिक धरने को सफल बनाने का फैसला लिया गया।
प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल 2021 को बजट सत्र में पारित कर बिजली वितरण प्रणाली को निजी घरानों को सौंपना चाहती है। अगर यह बिल पास हुआ तो बिजली किसानों व गरीब उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर हो जाएगी। प्राइवेट कंपनियां जनता की गाढ़ी कमाई पर मामूली शुल्क देकर भारी मुनाफा कमाएंगे। इस दौरान ठेका प्रथा समाप्त करने, कच्चे कर्मियों को पक्का करने, समान काम-समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, पुरानी पेंशन, डीए व एलटीसी बहाल करने, ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी को रद्द करने, डाटा एंट्री ऑपरेटर के वेतनमान में बढ़ोतरी करने व सभी प्रकार के अवकाश देने आदि की मांग उठाई गई। इस दौरान आंदोलन में मरने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी गई और सरकार के कृषि कानूनों को रद्द न करने की निंदा की गई। इस मौके पर सर्कल सचिव राजेश शर्मा, जितेंद्र तेवतिया, सरजीत सिंह, राजकुमार डागर, वेदपाल तेवतिया, नरेंद्र सौरोत, दीपक शर्मा, दीना बत्रा आदि मौजूद रहे।