तापमान की अधिकता के चलते गर्मी का जबरदस्त असर है। लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद करके रख दिया है, लेकिन इसके साथ ही पिछले दो दिनों से मौसम करवट ले रहा है। मंगलवार की शाम को बूंदा-बांदी भी हुई, लेकिन अगर तेज बारिश हुई है तो मंडी में रखा हजारों क्विंटल गेहूं खराब हो जाएगा। अभी तक गेहूं का उठान नहीं हो पाया है, जिससे अधिकतर अनाज खुले में पड़ा है।
बुधवार को दोपहर के बाद से बादल आते-जाते रहे, जिसके चलते कभी भी बारिश भी हो सकती है, लेकिन गेहूं की लिफ्टिंग को लेकर खरीद एजेंसियों गंभीर नहीं हैं। पलवल अनाज मंडी में 20 अप्रैल तक गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी। विभिन्न एजेंसियों द्वारा चार लाख 84 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया, लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देशों के बावजूद, अब तक करीब 80-90 हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। जिस स्पीड से उठान हो रहा है, उससे तो लगता है कि शायद विभाग को नुकसान की कोई परवाह ही नहीं है।
इसी प्रकार हथीन की अनाज मंडी में 18 अप्रैल को आखिरी खरीद हुई थी, लेकिन उसके बाद भी 17 हजार क्विंटल सेे ज्यादा गेहूं खुले में पड़ा है। लगभग 10 हजार क्विंटल गेहूं ऐसा है, जिसकी अभी तक खरीद नहीं हुई है। रिकार्ड के मुताबिक एक लाख 65 हजार 485 क्विंटल गेहूं वेयर हाउस और एक लाख तीन हजार 115 क्विंटल गेहूं हेफेड ने खरीदा था।
वहीं लिफ्टिंग न होने के चलते आढ़तियों को भी पूरा भुगतान नहीं हो पाया है। इसके चलते किसान व आढ़ती दोनों परेशान हैं। आढ़तियों के अनुसार अभी तक करीब 60 फीसदी का ही भुगतान हुआ है। वहीं पलवल मार्केट कमेटी के सचिव सत्य प्रकाश व हथीन मार्केट कमेटी के सचिव लेखचंद का कहना है कि लिफ्टिंग हो रही है। जहां तक बरसात की बात है तो अनाज को त्रिपाल से ढक दिया जाता है। विभाग इसे लेकर पूरी तरह से सजग है, जो गेहूं मंडी में पड़ा हुआ है, वह जल्द लिफ्ट हो, इसके लिए संबंधित एजेंसी से बात की जाएगी।