हथीन। फर्जी दस्तावेज के जरिये भूमि की खरीद-फरोख्त पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्थगन जारी कर दिया है। यह भूमि हथीन शहर के एक प्राइम लोकेशन पर है। इसकी कीमत 38 करोड़ 93 लाख 17500 बताई जा रही है। न्यायमूर्ति दया चौधरी व न्यायमूर्ति मीनाक्षी की खंडपीठ ने छह लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्वशासन विभाग के कमिश्नर, जिला उपायुक्त, नगर आयुक्त, हथीन नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी सहित 16 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। मामले में अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।
साहब जी मंदिर के पास स्थित करीब सात कनाल की भूमि की जांच का मामला पिछले एक वर्ष से विभिन्न अधिकारियों के पास लटका हुआ था। याचिका हथीन शहर के छह नागरिकों जसवीर, दीपक राज, रविंदर, लोकेश व नरेंद्र ने एडवोकेट संजीव पंवार के माध्यम से डाली थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। भूमि राजस्व अभिलेखों में भी सार्वजनिक उपयोग में दर्ज थी। जिसे हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देकर रजिस्ट्री कराकर खरीद लिया गया। जांच की मांग को लेकर याचिकाकर्ता जिला उपायुक्त से लेकर स्थानीय स्वशासन मंत्री अनिल विज तक गुहार लगा चुके हैं। जिला नगर आयुक्त मोनिका गुप्ता खुद आकर जांच कर चुकी हैं, लेकिन रिपोर्ट सामने नही आई। हथीन के राजस्व अधिकारी भी जांच कर चुके हैं। वहीं जमीन के खरीदारों का कहना है कि उन्होंने यह भूमि खरीदी है। जिसकी रजिस्ट्री है।