सर्व कर्मचारी संघ की जिला इकाई मंगलवार को आंदोलनरत एनएचएम कर्मचारियों के समर्थन में सड़कों पर उतरी। सैकड़ों कर्मचारियों ने शहर के मुख्य मार्गों पर रोष प्रदर्शन करते हुए मीनार गेट पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का पुतला फूंका। इस मौके पर कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया।
एनएचएम एसोसिएशन के नेता डॉ. चंद्रमणी की अगुवाई में किए गए प्रदर्शन में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार तानाशाहों की तरह व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ के रोहतक कार्यालय में संघ व एनएचएम एसोसिएशन की बैठक के दौरान कर्मचारियों को पुलिसिया कार्रवाई करते हुए नजरबंद कर लिया। नेताओं ने कहा कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों से बातचीत कर समस्या का हल निकाले, लेकिन बजाय इसके सरकार दमन के रास्ते पर चल रही है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में सभी विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वायदा किया था, लेकिन अब स्वास्थ्य मंत्री बयान दे रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित होने का हक ही नहीं है। लोकतंत्र की दुहाई देने वाली सरकार अघोषित आपातकाल लागू कर शांति पूर्वक आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत आंदोलनरत कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा रहा है।
कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की आरोप लगाते हुए कहा कि अदालत के समान काम-समान वेतन के आदेश की भी पालना नहीं की जा रही है। प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान रमेश चंद ने की व संचालन सचिव बनवारी लाल ने किया।
सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी व सचिव भागीरथ बेनीवाल ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं में दरियाव सिंह, हनुमान प्रसाद पाठक, योगेश कुमार, किसान सभा के नेता धर्मचंद, एनएचएम नेता राजेश कुमार, हरबीर, नेपाल डागर, अनिता चौहान, मल्लिका, पूनम शर्मा, सुमन रावत, शिक्षा रावत, ने भी संबोधित किया।