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स्वास्थ्य विभाग बता रहा कोरोना से 115 की मौत, आंकड़े कहीं ज्यादा

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अनूप पाराशर
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पलवल। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में पलवल में मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। पलवल शहरी क्षेत्र में ही स्थित चार श्मशानघाटों में 492 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया है। यह मौतें एक अप्रैल से 18 मई के बीच हुई हैं। सबसे चौंकाने वाली बात इसमें यह है कि प्रशासन द्वारा नूंह रोड पर बनाए गए कोविड श्मशानघाट में ही इस दौरान 160 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया है। जबकि अन्य स्थानों पर कोविड से मरने वालों के लिए निर्धारित श्मशान घाटों की स्थिति कुछ और ही बयान कर रही है। श्मशान घाटों में 48 दिनों में हुए अंतिम संस्कार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड से मरने वालों के जारी किए गए 115 के आंकडों पर अब लोग उंगली उठा रहे हैं। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए जा रहे कोरोना से मरने वालों की संख्या के आंकड़ों पर अब विपक्षी राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने भी उंगली उठा न्यायिक स्तर पर जांच कराने की मांग शुरू कर दी है।
वहीं होडल में एक अप्रैल से 20 मई तक 472 लोगों की मौते हुई हैं। ये आंकड़े वे हैं, जिनके स्वास्थ्य विभाग मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर चुका है। हालांकि इन 472 में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 29 मौत कोविड से दर्शाई गई हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड से मरने वालों का आंकड़ा गलत दिखाया जा रहा है। कोविड की दूसरी लहर शुरू होने के बाद एक अप्रैल से 20 मई तक जिले में एक हजार से अधिक लोगों की मौत होना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है।
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पलवल शहर में एक अप्रैल से 18 मई तक ॉहुए अंतिम संस्कार
पलवल शहर में मुख्य रूप से चार श्मशानघाट हैं। इनमें नूंह रोड पर स्थित श्मशानघाट को प्रशासन द्वारा कोविड की दूसरी लहर शुरू होने के साथ ही कोविड श्मशानघाट घोषित कर दिया था तथा कोविड से मरने वालों का अंतिम संस्कार नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा अस्पतालों से लाकर इसी श्मशानघाट में किया जाता था। नूंह रोड के इस कोविड श्मशानघाट में एक अप्रैल से 18 मई तक के बीच 160 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया है। इनमें अप्रैल में 48 तथा 18 मई तक 112 मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ है। इसी तरह से माल गोदाम रोड स्थित श्मशानघाट में अप्रैल माह में 85 तथा एक मई से 20 तक 101 मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ है। रसूलपुर रोड स्थित श्मशानघाट में अप्रैल माह में 48 तथा मई में 20 तारीख तक 67 मृतकों का अंतिम संस्कार हुआ है। पंचवटी श्मशानघाट में अप्रैल में 19 तथा मई में अब तक 14 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ है। जबकि कोविड की दूसरी लहर शुरू होने से पहले मार्च में नूंह रोड के श्मशानघाट में 29, माल गोदाम रोड पर 55, रसूलपुर रोड पर 24 तथा पंचवटी श्मशानघाट पर 14 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ।
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होडल में मौतों का आंकड़ा
होडल में एक अप्रैल से अब तक कुल 472 लोगों की मौत हुई है। इसमें उपमंडल नागरिक अस्पताल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में एक अप्रैल से 20 मई तक 79 मृतकों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ है। इसमें 10 को कोविड से मरना दर्शाया गया है। इसी तरह से सौंध सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत 95 लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ, जिसमें से दो की मौत कोविड से दिखाई गई है। भुलवाना पीएचसी के अंतर्गत 62 मौत दिखाई गई हैं। इनमें छह कोविड से,टप्पा पीएचसी में 119 लोगों की मौत दिखाई गई है जिनमें से कोविड 3 मौत तथा हसनपुर पीएचसी के अंतर्गत 117 लोगों की मौत दिखाई गई है। जिसमें से 8 कोविड से मौत दिखाई गई हैं।
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अंतिम संस्कार करने वाले परिजन डर रहे
पलवल जिले के ही एक गांव में रहने वाले राजेंद्र ने बताया कि उनके पिता की मौत कोरोना से हुई थी। वे तीन दिन तक फरीदाबाद के अस्पताल में आक्सीजन पर रहे तथा वहां पर उन्हें चार रेडमेसिवर इंजेक्शन भी लगाए गए, लेकिन उनकी मौत हो गई। किसी तरह से वे अपने पिता को गांव ले आए तथा चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया। उन्हें डर तक था कि यदि पलवल में प्रशासन को जानकारी मिल गई तो पिता के अंतिम संस्कार का अधिकार भी उनसे छिन जाएगा। यह केवल राजेंद्र की बात नहीं, बल्कि अमर उजाला द्वारा ऐसे करीब पांच अन्य लोगों से की गई बात से भी जानकारी मिली है। वहीं नगर परिषद के एक अधिकारी ने नाम न छापने पर बताया कि नगर परिषद पलवल द्वारा एक अप्रैल से 18 मई तक कोविड से मरे 161 लोगों का कोविड प्रोटोकाल से अंतिम संस्कार कर चुके हैं। नगर परिषद के पास इसका लकड़ियों का भी हिसाब है।
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प्रशासन छिपा रहा है असल आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन कोविड से मरने वालों का आंकडा छिपा रहा है। होडल में बनाए गए कोविड श्मशानघाटों में अप्रैल महीने में 70 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ है, जबकि 16 मई तक 81 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ है। औरंगाबाद मितरौल में एक अप्रैल से 16 मई तक 70 से अधिक लोगों की मौत हुई है। जबकि सरकारी आंकडों में मात्र औरंगाबाद में 37 तथा मितरौल में 16 लोगों की मौत दिखाई हैं। इनमें से केवल चार की कोविड से मौत दिखाई है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
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-उदयभान, पूर्व विधायक होडल
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कोई आंकड़ा छिपाया नहीं गया
हमारे द्वारा कोरोना से मरने वालों के नाम सहित सूची जारी की गई है। पलवल जिले में 20 मई तक कुल 115 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। उनके नाम सहित सूची है। जिले में हुईं अन्य मौते अन्य बीमारियों से या स्वभाविक रूप से हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई आंकड़ा नहीं छुपाया गया है। पलवल जिले में जितने मरीज कोरोना के मिल रहे हैं, उनकी सूची रोजाना जारी की जा रही है। साथ ही मरने वालों की भी संख्या रोज बुलेटिन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
डॉ.ब्रहमदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन पलवल
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