ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण में संस्थागत श्रेणी के आवंटियों के जमा से जीएसटी कटौती का मामला सामने आया है। आवंटी जब नक्शा स्वीकृत कराने पहुंचे तो बकाए की जानकारी मिली। सीईओ आरके सिंह ने मामले में वित्त विभाग से रिपोर्ट मांगी है। आवंटी ने बताया कि कुछ आवंटियों के प्रीमियम और लीज रेंट से बिना पूर्व सूचना के जीएसटी की रकम काटी गई। नक्शा पास कराने के लिए वित्त विभाग से एनओसी मांगी तो बकाया जमा करने के लिए कहा गया। एक संस्थागत आवंटी के खाते में करीब 2.80 करोड़ रुपये की देनदारी दिखाई गई है। बाद में पता चला कि जमा से बिना सूचना करीब 40 लाख रुपये काटी गई। आवंटियों का तर्क है कि उनका जीएसटी खाता अलग है। इसे जमा करने की जिम्मेदारी उनकी है। ब्यूरो