पाटुका में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की निर्माणाधीन टनल में छह दिन के भीतर दूसरी बार धंसाव
रेलवे के दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और जांच टीम रात में ही मौके पर पहुंची
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल की ग्राम पंचायत सहसोला के गांव पाटुका में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की निर्माणाधीन टनल में छह दिन के भीतर दूसरी बार बड़ा धंसाव हो गया। शनिवार देर शाम करीब 8 बजे हुए हादसे में 500 मीटर से अधिक दायरे में 3 से 4 एकड़ खेत की भूमि धंस गई। हादसे में एक सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दो मकानों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें से एक मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। पहाड़ से गांव पाटुका को जोड़ने वाला लेटर का रास्ता भी बाधित हो गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर शाम ग्रामीण अपने घरों में थे, तभी आवाज आने लगी। बाहर निकलने पर खेतों में गड्ढा दिखाई दिया, जो देखते ही देखते बढ़ता गया। रात में ही करीब 300 मीटर का हिस्सा धंसा था, जो सुबह तक 500 मीटर से अधिक हो गया। जिस मकान पर शटरिंग लगी थी, वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू कर दी।
सुरक्षा को देखते हुए मस्जिदों से एलान कराया गया कि कोई भी हादसा स्थल की ओर न जाए, बच्चों को विशेष रूप से दूर रखा जाए। धंसाव के दौरान जामनगर से लोनी, गाजियाबाद जाने वाली गेल कंपनी की गैस पाइपलाइन भी मिट्टी धंसने से बाहर निकल आई, लेकिन गनीमत रही कि कोई लीकेज नहीं हुआ। इसके बाद गेल की टीम मौके पर पहुंची। वहीं, रेलवे के दो दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और जांच अधिकारी भी रात में ही मौके पर पहुंच गए और रविवार सुबह से लगातार जांच में जुटे हैं।
धंसाव के कारणों की जांच जारी
मौके पर पहुंचे रेलवे के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नरेंद्र छिब्बर ने बताया कि हादसा दुखद है और किन कारणों से टनल में धंसाव हुआ है, इसकी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि पांच दिन पहले हुए पहले हादसे के बाद से ही टनल के नीचे निर्माण कार्य रोक दिया गया था। जहां धंसाव हुआ है, वहां से अरावली पहाड़ की टनल की शुरुआत होती है, ऐसे में पहाड़ और मिट्टी की चट्टान कमजोर होने से रिसाव की संभावना है। डिजाइनर और विशेषज्ञों को तलब किया गया है और सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर दी गई है। वहीं, डीएसपी अभिमन्यु लोहान ने बताया कि रात में ही मौके पर पुलिस भेज दी गई थी और फिलहाल भी पुलिस जवान तैनात हैं।
1200 करोड़ से हो रहा निर्माण
गौरतलब है कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की इस टनल को करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। 80 जगहों पर इसमें काम चल रहा है और विशेषज्ञों द्वारा लगातार निगरानी की जाती है, लेकिन इस बार सुरक्षा के सभी कदम फेल साबित हुए हैं। हादसे के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
कोट
मामले कि गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर दी गई है। एसडीएम जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में टीम जांच करेगी और कार्यालय में रिपोर्ट पेश की जाएगी। जमीन धंसने की खबर मिलने के बाद एसडीएम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
- अखिल पिलानी, डीसी