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Palwal News: टनल निर्माण के दौरान 20 मीटर के दायरे में जमीन धंसी

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घटनास्थल पर मौजूद किसान
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सेहसोला के पाटुका क्षेत्र में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की निर्माणाधीन टनल में हादसा
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12 घंटे बाद पहुंचे कंपनी अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। सेहसोला के पाटुका क्षेत्र में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की निर्माणाधीन टनल में रविवार देर शाम करीब 20 मीटर के दायरे में अचानक मिट्टी धंस गई। निर्माणाधीन टनल के ऊपर खेत, जिससे वहां गड्ढा बन गया। हादसे के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हालांकि, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले ही हादसे वाले स्थान से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकली थी।

हादसे के बाद सोमवार को ग्रामीणों और टनल का निर्माण कर रही निर्वाण निर्माण कंपनी के अधिकारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हंगामा भी हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि इतनी बड़ी परियोजना के निर्माण के बावजूद मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
ग्रामीणों इस्लाम, मुबीन, रजाक, अब्बास, मौज खान, जोम खान, समीम, जुबेर और अरशद आदि ने आरोप लगाया कि टनल निर्माण के दौरान मिट्टी को रोकने के लिए पर्याप्त सपोर्ट सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में दिन-रात ब्लास्टिंग की जाती है, लेकिन कई बार इसकी पूर्व सूचना आसपास के लोगों को नहीं दी जाती। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि जमीन धंसने के बाद बना गड्ढा बच्चों, पशुओं और वन्य जीवों के लिए खतरा है। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले भी टनल निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।

न्यायालय में लंबित है जमीन अधिग्रहण के मुआवजे का विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि यह टनल सेहसोला, घुसपैठी, पाटुका, किरूरी और धुलावट समेत अरावली क्षेत्र से होकर बनाई जा रही है। जमीन धंसने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन निर्माण कंपनी के अधिकारी 12 घंटे बाद मौके पर पहुंचे। इसको लेकर भी ग्रामीणों में रोष था। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर भी विवाद न्यायालय में लंबित है। मौके पर पहुंचे रेलवे और निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि धंसा हुआ हिस्सा टनल के साइड का क्षेत्र है। इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने धंसी जगह की भरपाई कराने के साथ वहां चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक टनल निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक काम नहीं करने दिया जाएगा।
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4.69 किलोमीटर लंबी है टनल
हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर परियोजना के तहत करीब 4.69 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जा रही है। इसमें लगभग 1.1 किलोमीटर हिस्सा अरावली की चट्टान काटकर और करीब 3.6 किलोमीटर हिस्सा मिट्टी की खुदाई कर डबल ट्रैक टनल के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक टनल करीब 30 फीट ऊंची और 30 फीट चौड़ी होगी। इस कॉरिडोर पर यात्री ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे और मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। पूरे कॉरिडोर की लागत करीब 5618 करोड़ रुपये है, जबकि अकेले टनल निर्माण पर करीब 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
कोट
मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया गया है।
- अखिल पिलानी, उपायुक्त

घटनास्थल पर मौजूद किसान

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