पलवल। राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन को सरकार हल्के में न ले। अब तक 50 किसानों ने अपनी जान दे दी है। लाखों किसान कड़ाके की ठंड में सड़कों पर बैठे हुए हैं। अगर युवा किसानों का धैर्य जवाब दे गया, तो सरकार स्थिति को संभाल नहीं पाएगी। अटोंहा मोड़ पर किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश किसानों का है, अंबानी और अडानी का ही नहीं। स्वतंत्रता के आंदोलन में सर्वाधिक योगदान किसानों रहा था। पुलिस व फौज में किसानों के बेटे हैं। अगर उन्होंने बगावत कर दी, तो दिल्ली पर किसानों का कब्जा हो जाएगा। इस मौके पर महेंद्र सिंह चौहान, रूपलाल तेवतिया, धर्मचंद, राजकुमार आर्य, नरेंद्र शास्त्री, जयनारायण चौहान, सोहनपाल, रामशरण चौहान, ऋषिपाल आदि मौजूद रहे। संवाद