‘सरकार ने पुख्ता तथ्यों के साथ अदालत में पैरवी नहीं की’
पलवल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजन में नौकरी बहाली के संबंध में रविवार को शिक्षकों का अनशन 63वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रधान वेदपाल, महासचिव गीतेश कुमार, एसकेएस प्रधान राजेश शर्मा और सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि यह सभी जानते हैं कि सरकार ने पुख्ता तथ्यों के साथ अदालत में पैरवी नहीं की है। सरकार द्वारा नियुक्त तत्कालीन भर्ती आयोग ने गैर जिम्मेदारी से भर्ती प्रक्रिया का संचालन किया। इसमें किसी भी शारीरिक शिक्षक का व्यक्तिगत हस्तक्षेप नहीं था। शीर्ष अदालत ने भी भर्ती की प्रक्रिया को दोषी पाया और अपने आदेश में शारीरिक शिक्षकों के दोष का उल्लेख नहीं किया। ऐसी स्थिति में शारीरिक शिक्षकों को बर्खास्त करके सरकार ने बहुत गलत किया है। सरकार ने निर्दोष शारीरिक शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न करने के साथ, मृतक शिक्षकों की विधवाओं को मिलने वाली सरकारी सहायता पर भी रोक लगा दी है। अगर, सरकार ने भर्ती परीक्षा रद्द करके नौकरी बहाल नहीं की तो आगे की रणनीति तैयार करनी पड़ेगी। इस मौके पर हरीचंद वर्मा, राकेश शर्मा, राजकुमार, सुरेंद्र, वीर सिंह सौरोत, दयाचंद, टेकचंद, सुनील, विनोद, राजेंद्र, सतवीर, साजिदा, उर्मिला, जगवती आदि ने भी हड़ताल को संबोधित किया।