मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन करने जाते हुए पूर्वांचल के लोग।
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पलवल। सरस्वती माता-विद्या दाता के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को मां सरस्वती की प्रतिमा का यमुना में विधि विधान के साथ विसर्जन किया। पूर्वांचल वासियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ काफिले में शामिल होकर मां शारदे की जयजयकारे लगाते हुए धार्मिक गीतों के तर्ज पर जमकर ठुमके भी लगाए। इस दौरान शहर भर में माता की प्रतिमा के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। यात्रा में शामिल हुए लोगों ने गुलाल उड़ाकर बसंत पंचमी के त्योहार की खुशी का इजहार किया। भवनकुंड चौक से लेकर गांव मोहना तक माता की प्रतिमा के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। वहां पर यमुना में माता की प्रतिमा का विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया। पूर्वांचल जन कल्याण समिति के प्रधान विजय पटेल ने बताया कि भवनकुण्ड चौक व अनाज गोदाम में पूर्वांचल वासियों द्वारा बृहस्पतिवार को वसंत पंचमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। उसके दूसरे दिन माता सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन करने का पहले से ही प्रावधान रहा है। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन से पूर्वांचल वासियों के लिए होली के पर्व की शुरुआत हो जाती है और प्रतिवर्ष उनके द्वारा वसंत पंचमी का त्यौहार इसी तरह बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर अनाज गोदाम के मैनेजर ऋषिकेष, गणेश, रणजीत, देबू, मकसूदन, जोगी व बालेश्वर आदि मौजूद रहे।