जिले में बढ़ रही गैंगवार और हत्या की वारदात से डरे हुए हैं लोग
- तीन माह में आधा दर्जन से भी ज्यादा हो चुकी हैं हत्याएं, एक दर्जन से ज्यादा गोलीबारी की वारदात
- सचिवालय में घुसकर हत्या करने वाले अंकित की नहीं हुई जल्द गिरफ्तारी तो हो सकती है एक और बड़ी वारदात
अनूप पाराशर
पलवल। जिले में गैंगवार के बढ़ते मामले और अपराधियों द्वारा जेल से जमानत पर आने के बाद कहीं न कहीं वारदात को अंजाम देना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उंगली उठा रहा है। दूसरी ओर इस तरह की घटनाओं से लोगों में डर बढ़ रहा है। पिछले तीन महीनों का ही रिकार्ड देखें तो जिले में अभी तक पांच-छह गैंगवार के दौरान हत्याओं की वारदात हो चुकी हैं। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा गोलीबारी की घटनाओं को बदमाश अंजाम दे चुके हैं।
आए दिन कहीं न कहीं गोलीबारी व हत्या होने की सूचना मिल ही जाती है। जिला पुलिस इन वारदातों पर अंकुश लगाने में पूरी तरह से सक्षम नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि तीन महीने के दौरान टीम ने कई वांछित बदमाश गिरफ्तार किए हैं। मंगलवार को भी पुलिस द्वारा हत्या व लूट के एक मामले में एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। अब यदि पुलिस ने जल्द कार्रवाई कर सचिवालय के अंदर गोलियों से भूनकर ओमपाल नामक व्यक्ति की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया तो जल्द ही और भी वारदात हो सकती है।
जिला पुलिस कप्तान ने सोमवार को सचिवालय में घुसकर हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अंकित की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन भी कर दिया है। साथ ही जिले की सीमा से लगते उत्तर प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली पुलिस से भी सहयोग मांगा है। फिर भी जब तक अंकित पुलिस की गिरफ्त में नहीं आएगा। तब तक वह पुलिस के लिए भी सिरदर्द बना रहेगा तथा लोगों में भी डर रहेगा, खासकर मृतक ओमपाल के परिवार के लोगों में तो डर और भी ज्यादा बैठा हुआ है क्योंकि अंकित द्वारा अपने पिता की हत्या के दौरान कसम खाई गई थी कि मन्नू के परिवार में किसी को रोने के लिए भी नहीं छोड़ेगा।
ये हो चुकी हैं अब तक गैंगवार की वारदात
पलवल जिले में 27 फरवरी को कैलाश नगर के एक युवक की ईंटों से मारकर और चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में इस हत्या का बदला लेने के लिए मृतक के परिवार की तरफ से 11 मार्च को कैलाश नगर में जाकर एक आरोपी के पिता की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। अभी ये वारदात थमी नहीं थी कि 22 मार्च को रसूलपुर रोड पर हुई गैंगवार में सुभाष नामक व्यक्ति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। वहीं सोमवार को सचिवालय में ओमपाल की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले आरोपी अंकित के चाचा के लड़के उत्तम की हत्या कर शव को राजमार्ग पर आलापुर के निकट फेंक दिया गया। इनके अलावा होडल में पिछले तीन महीने में गोलीबारी की आधा दर्जन से भी अधिक वारदात हो चुकी हैं। इन सभी मामलों में पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इन सभी वारदातों में खास बात यह है कि ज्यादातर वारदातों में वे आरोपी शामिल है जो पिछले दिनों जेलों से जमानत पर आए हुए हैं। ये वे आरोपी हैं, जो हत्या, लूटपाट, गोलीबारी जैसी वारदात में जेलों में बंद हैं।
समाजसेवी भगत सिंह, राजेंद्र कुमार, सुशील, मनोहर का कहना है कि पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए तथा पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ-साथ जेल से जमानत पर आ रहे बदमाशों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके। लोगों में पुलिस के प्रति इन वारदातों को लेकर विश्वास उठ रहा है।
जिला पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजरानिया का कहना है कि जिले में उन बदमाशों की जानकारी ली जा रही है जो जमानत पर बाहर हैं। इसके अलावा हत्या, गोलीबारी व अन्य वारदात में शामिल बदमाशों की सूची तैयार की जा रही है। अंकित की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस सक्रिय है तथा जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उसके ऊपर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है मुख्यालय में सिफारिश की गई है। जिले में आपराधिक वारदात पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाएगा। मंगलवार को ही हत्या व लूटपाट के मामले में शामिल एक बदमाश को गिरफ्तार किया है तथा उससे मिली जानकारी के तहत जल्द ही उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।