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Palwal News: जाली दस्तावेज से लोन पर गाड़ियां लेने वाले गिरोह का खुलास, 3 धरे

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क्राइम ब्रांच होडल ने की कार्रवाई कार, लैपटॉप, मोबाइल और 20 हजार रुपये बरामद
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संवाद न्यूज एजेंसी



पलवल। जाली दस्तावेज तैयार कर बैंक से गलत तरीके से लोन स्वीकृत कराकर गाड़ियां निकलवाकर उन्हें कम कीमत पर बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच होडल ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हुंडई क्रेटा कार, वारदात में इस्तेमाल लैपटॉप व मोबाइल फोन और 20 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह अब तक करीब छह गाड़ियां अलग-अलग पतों पर बेच चुका है।

मामले की शुरुआत रजपुरा निवासी गौरी शंकर की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसके पिता के आधार कार्ड में फर्जी तरीके से पता बदल दिया। इसके बाद नया पैन कार्ड और बैंक खाता खुलवाया गया। जाली दस्तावेज के आधार पर गुरुग्राम स्थित एसबीआई बैंक शाखा से क्रेडिट/लोन स्वीकृत कराकर हुंडई क्रेटा गाड़ी निकलवा ली गई। बाद में गाड़ी को कम कीमत में बेच दिया गया।
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तकनीकी साक्ष्यों से मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देशन में सीआईए होडल की टीम ने जांच शुरू की। एएसआई राकेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और खुफिया साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी सलीम, निवासी उटावड़ को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में एटीएम काटने की चार प्राथमिकी दर्ज हैं। पुलिस ने उसे आठ दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका बताई। इसके बाद सौरभ श्रीवास्तव, निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी गुरुग्राम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक सौरभ लोन स्वीकृत कराने का काम करता था। वहीं, उटावड़ निवासी जाहुल उर्फ अरमान मूल प्रमाण पत्रों में पता बदलने का काम करता था।

लैपटॉप से बदला जाता था आधार का पता

पुलिस के अनुसार, बरामद लैपटॉप का इस्तेमाल आधार कार्ड में फर्जी तरीके से पता बदलने के लिए किया जाता था। मुख्य आरोपी सलीम से क्रेटा कार भी बरामद की गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी तरीके से निकाली गई बाकी गाड़ियों की तलाश कर रही है।
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अधिकारी का वर्जन

पुलिस ने तकनीकी और खुफिया साक्ष्यों के आधार पर गिरोह तक पहुंच बनाई। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ में करीब छह गाड़ियों को अलग-अलग पतों पर बेचने की जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य आरोपियों और वाहनों की बरामदगी के लिए जांच जारी है। उन्होंने लोगों से आधार, पैन कार्ड समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज अज्ञात लोगों के साथ साझा न करने की अपील की।

- नरेंद्र खटाना, डीएसपी मुख्यालय
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