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बुदेंलखंड से आए किसानों ने बंद किया एनएच-19

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दिल्ली आगरा राजमार्ग पर लगाया बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के किसानों ने जाम - फोटो : Palwal
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बुंदेलखंड से आए किसानों ने बंद किया एनएच-19
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पलवल। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-19) स्थित केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर रविवार को बुंदेलखंड से आए किसानों व पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कई पुलिस कर्मी जमीन पर गिर पड़े। पुलिस लाठी फटकारने के लिए आगे बढ़ी तो एसपी दीपक गहलावत ने रोक दिया। एसपी के निवेदन पर किसान शांत तो हुए पर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया। सड़क के दोनों ओर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर किसान धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मध्य प्रदेश में भारतीय किसान मजदूर संघ के अध्यक्ष और संस्थापक शिवकुमार कक्का ने मौके पर पहुंचकर किसानों को शांत किया। हालांकि देर शाम तक किसान हाईवे पर डटे रहे। वाहनों को रूट डायवर्ट कर निकाला जा रहा है।
रविवार सुबह बुंदेलखंड से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में आ रहे किसानों के जत्थे को शुगर मिल के नजदीक पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। लेकिन किसान बैरिकेड़ तोड़ते हुए पिछले तीन दिन से केजीपी-केएमपी इंटरचेंज के समीप रोके गए अपने साथियों के पास पहुंच गए। दोनों जत्थे एकत्रित होकर दिल्ली की तरफ बढ़े तो पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। इस पर धक्का-मुक्की हो गई। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने हाईवे पर डंपर और गाड़ियां खड़ी कर दीं। हाईवे जाम कर धरने पर बैठे किसानों ने वहीं माइक पर भाषण शुरू कर दिए।
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पलवल के किसानों से की अपील
बुंदेलखंड के किसान नेताओं ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि स्थानीय किसान चार दिन बाद भी उनके समर्थन में आगे नहीं आए हैं। पलवल के किसानों से अपील की कि इस लड़ाई में वे भी साथ दें। किसान नेता विमल कुमार शर्मा, गणेश प्रसाद शर्मा, अखिलेश रावत, श्रवण कुमार, चतुर्भुज पटेल, राकेश साहू, राजा मनीष तिवारी, दिनेश कुमार, निरंजन टीकमगढ़, तारा देवी महोबा, गुलबहार सिंह, साईं बाबा, राहुल, सुरेंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, जुगल किशोर, गुरनाम सिंह, रविदत्त सिंह, गजबदन शुक्ला ने किसानों को संबोधित किया।
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मथुरा-आगरा जाने वालों को यमुना एक्सप्रेसवे से भेजा
जाम का असर पूरे जिले में दिखा। हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई। पुलिस को जगह-जगह रूट डायवर्जन करना पड़ा। केजीपी-केएमपी इंटरचेंज से नहर की पटरी पर बहरौला व फुलवाड़ी होते हुए रूट डायवर्ट किया गया। केजीपी व केएमपी से वाहनों को उतरने नहीं दिया गया। कुसलीपुर के समीप हाईवे पर ट्रक खड़े कर पुलिस ने मथुरा-आगरा जाने वाले लोगों को केजीपी से यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये जाने की सलाह दी। वहीं पलवल शहर में आगरा चौक पर बैरिकेड लगाकर हथीन के रास्ते होडल पहुंचने के लिए रूट डायवर्ट किया। रूट डायवर्ट करने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कच्चे रास्तों से वाहन ले जाने पड़े। गांवों व असावटा फाटक पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
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किसानों के शांत होने पर पुलिस कर्मियों ने ली राहत की सांस
किसानों को रोकने के लिए केजीपी-केएमपी पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। किसानों के साथ धक्का-मुक्की के बाद एक बार तो स्थिति काबू से बाहर होती नजर आई, परंतु एसपी ने पुलिस कर्मियों को रोक दिया। पुलिस ने किसानों को केएमपी के रास्ते सिंघु बॉर्डर पर तक जाने की अनुमति दी, लेकिन किसान नेताओं ने मना कर दिया और धरने पर बैठ गए। किसानों के शांत होने के बाद पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। सुबह से तैनात खड़े पुलिस वाले खाने-पीने में जुट गए। इस दौरान एक गन्ने के रस की रेहड़ी पर पुलिस कर्मियों की काफी भीड़ रही।
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किसानों के साथ सरकार की शनिवार को हुई वार्ता विफल रही, इससे किसानों में रोष है। 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया गया है, जिसमें किसान पूरी मजबूती दिखाएंगे। यदि नौ दिसंबर को भी सरकार के साथ वार्ता सफल नहीं होती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
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- शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्का
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किसानों द्वारा हाईवे जाम करने के बाद रूट डायवर्ट कर दिया गया। पलवल से वाहनों को हथीन होते हुए होडल पहुंचाया जा रहा है। किसानों का धरना शांतिपूर्ण चल रहा है। जिले में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
दीपक गहलावत, पुलिस अधीक्षक, पलवल
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