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Palwal News: पहली बार पलवल में अलग-अलग होगी कूड़ा उठान और निस्तारण की व्यवस्था

Sat, 23 Aug 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
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नगर परिषद का 42 करोड़ से डोर-टू-डोर कलेक्शन और निस्तारण सिस्टम पर रहेगा फोकस
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राहुल राज
पलवल। शहर में साफ-सफाई की जटिल समस्या से जूझ रहे शहर वासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। नगर परिषद ने पहली बार कूड़ा संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया को अलग-अलग करने का निर्णय लिया है। इसके लिए परिषद ने 42 करोड़ रुपये के दो बड़े टेंडर जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से शहर की सफाई व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और लोगों को गंदगी व प्रदूषण से राहत मिलेगी।

28 करोड़ का डोर-टू-डोर उठान टेंडर

नगर परिषद द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, शहर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए 28 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है। यह अनुबंध 5 साल के लिए होगा। इस दौरान ठेका लेने वाली कंपनी को शहर के सभी मोहल्लों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा समय पर उठाना होगा। परिषद ने इस अनुबंध में यह शर्त रखी है कि कूड़ा अलग-अलग स्रोतों (घरेलू, व्यावसायिक और बायो-वेस्ट) से अलग-अलग संग्रहित किया जाए।
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14 करोड़ का निस्तारण टेंडर

कूड़ा निस्तारण के लिए 14 करोड़ रुपये का अलग टेंडर निकाला गया है, जो 10 साल के लिए होगा। इस अनुबंध में कूड़े का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण, पर्यावरणीय नियमों का पालन और स्थायी समाधान पर जोर रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था शहर के दीर्घकालिक विकास और स्वच्छता मिशन को गति देगी।

आधुनिक सुविधाएं और निगरानी

टेंडर दस्तावेज में कई महत्वपूर्ण शर्तें भी जोड़ी गई हैं। ठेका लेने वाले को ई-वाहन, कचरा लिफ्टिंग उपकरण और पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पूरे सिस्टम पर नजर रखने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग, दैनिक रिपोर्टिंग और मासिक प्रदर्शन मूल्यांकन की व्यवस्था भी की जाएगी। नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों का वेतन, बीमा और सुरक्षा मानकों का पालन करना कंपनी के लिए अनिवार्य होगा।

नागरिकों को उम्मीद-गंदगी और मच्छरों से राहत

नगर परिषद की इस पहल को लेकर नागरिकों में उम्मीद जगी है। स्थानीय निवासी संदीप कुमार ने कहा, अक्सर मोहल्लों और गलियों में समय पर कूड़ा नहीं उठता, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं और मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है। अगर यह नई व्यवस्था समय पर लागू हो गई तो सफाई व्यवस्था में जरूर सुधार होगा। वहीं, गृहिणी रेखा शर्मा ने कहा, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान अगर नियमित हुआ तो हमें खुद गली-मोहल्ले में कूड़ा फेंकने की मजबूरी नहीं रहेगी। इससे गलियों में बदबू और गंदगी खत्म होगी।”

पारदर्शिता पर जोर

नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि पूरी निविदा प्रक्रिया ऑनलाइन होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे। योग्य बोलीदाताओं को ही अनुबंध दिया जाएगा। परिषद का लक्ष्य है कि अगले महीने तक प्रक्रिया पूरी कर दी जाए। तब तक फिलहाल एक निजी कंपनी को अस्थायी तौर पर अगले तीन महीने के लिए कूड़ा उठाने का कार्य सौंपा गया है।
हमारा उद्देश्य शहर में साफ-सफाई की गुणवत्ता बढ़ाना और कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित करना है। इसलिए पहली बार डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और निस्तारण के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए गए हैं। अगले महीने तक औपचारिकताएं पूरी कर दी जाएंगी।
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- मनीषा शर्मा, डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर (डीएमसी), नगर परिषद
नागरिकों को भी निभानी होगी जिम्मेदारी


विशेषज्ञों का मानना है कि केवल टेंडर प्रक्रिया से ही शहर पूरी तरह साफ नहीं हो पाएगा। नागरिकों को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी। अगर लोग घर-घर से कूड़े को अलग-अलग (सूखा और गीला) करके देंगे, तभी सिस्टम सफल होगा। स्वच्छ भारत मिशन का मकसद भी यही है कि प्रशासन और जनता मिलकर काम करें। नगर परिषद पलवल की इस नई पहल से साफ है कि अब शहर की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है। जहां एक ओर आधुनिक तकनीक और निगरानी से काम होगा, वहीं दूसरी ओर नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी। अगर यह व्यवस्था सही तरीके से लागू हुई तो पलवल को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने का सपना जल्द ही हकीकत में बदल सकता है। संवाद
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