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Palwal News: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्वस्थ रखेगा फाइबर व पोटेशियम से भरपूर खाना

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- सर्दियों में छात्रों को रागी और बाजरे की रोटी का मिलेगा स्वाद, मिड डे मिल पर मिलेगा पोषक तत्वों से युक्त भोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी

हथीन। सर्दी के मौसम में छात्रों में पोषण की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से मिड डे मील में रागी व बाजरे की रोटी और गुलगुले बनाकर खिलाए जाएंगे। बाजरे व रागी की रोटी काफी गर्म होती हैं, इसके साथ ही वह पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक भी होती हैं। बाजरे व रागी से बने स्वादिष्ट व्यंजन छात्रों को गर्मी प्रदान करेंगे। आगामी दिसंबर माह से छात्रों को मोटे अनाज से बनने वाले व्यंजन परोसे जाने लगेंगे। मोटा अनाज बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद है।
बता दें कि राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। जिले के विद्यालयों में 20 हजार छात्रों को इसका लाभ मिलता है। इसके तहत छात्रों को सप्ताह के सभी दिन अलग-अलग भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसमें रोटी-सब्जी, कढ़ी चावल, दलिया, खिचड़ी शामिल हैं। मीठे में आटे के गुलगुले और खीर दी जाती है। अब मिड-डे मील में मोटे अनाज को शामिल किया गया है। इसके तहत छात्रों को रागी, बाजरे, मक्के की रोटी व इससे बनने वाले अन्य खाद्य सामान उपलब्ध कराए जाएंगे।
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फाइबर और पोटेशियम से भरपूर होता है बाजरा
फाइबर और पोटेशियम से भरपूर बाजरा एक ऐसा आटा है, जिसका सेवन खासतौर पर सर्दियों में ही किया जाता है। बाजरे में ओमेगा-3 और आयरन की भरपूर मात्रा है। इन दिनों न सिर्फ इस आटे की रोटियां बनाई जा सकती हैं। बल्कि उतपम, दलिया और खिचड़ी भी बनाकर खाई जा सकती है। बाजरा पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है। साथ ही बाजरा खाने से शरीर में भरपूर एनर्जी भी बनी रहती है। यह वजन घटाने के लिए लाभदायक है, क्योंकि बाजरा खाने से काफी देर तक भूख नहीं लगती है।
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सर्दियों में मिड डे मील के तहत बच्चों को दिए जाने वाले खाने में शिक्षा निदेशालय की ओर से आदेश के बाद शेड्यूल में परिवर्तन किया जाएगा। मौसम को देखते हुए छात्रों को मोटा अनाज परोसा जाएगा। इससे बच्चों में पोषक तत्वों की मात्रा में वृद्धि होने के साथ ही उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। - सगीर अहमद, खंड शिक्षा अधिकारी हथीन
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