पलवल लघु सचिवालय में रखे एक्सपायरी तिथि के सिलेंडर
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पलवल (प्रवीण बैंसला)। लघु सचिवालय में आग से बचने के लिए लगाया गया फायर सेफ्टी सिस्टम खानापूर्ति बन कर रह गया है। सचिवालय का फायर सेफ्टी सिस्टम एक्सपायर सिलिंडरों के हवाले है। साथ ही कई स्थानों पर सिलिंडर अपनी जगह से गायब है तो कहीं पर इधर-उधर रखे हुए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि सिलिंडरों से एक्सपायरी डेट दर्शाने वाली पर्ची ही गायब कर दी गई है, ताकि कोई इन पर सवाल न उठा सके। नीचे फायर सेफ्टी बॉक्स ही हालत भी बेहद खराब है। इन बॉक्सों में पाइप और वाटर गन रखी होती है।
मार्च 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पलवल लघु सचिवालय सहित छह परियोजनाओं का शुभारंभ किया था। करीब 25 करोड़ रुपयों की लागत से बनाया गया लघु सचिवालय प्रदेश के सबसे अच्छे सचिवालयों में से एक माना जा रहा था। सचिवालय में आधुनिक फायर सिस्टम के साथ, पेयजल व शौचालयों की अच्छी व्यवस्था की गई। सचिवालय में चार तलों पर 16 जगह शौचालय और वाटर कूलर आरओ सिस्टम लगाए गए। हर एक तल पर दर्जनों स्थानों पर फायर सिलिंडर लगाए गए, वहीं ज्यादा आग लगने पर बूस्टर से स्पेशल पाइप लाइन भी लगवाई गई। पाइप लाइन के साथ फायर सेफ्टी बॉक्स लगाए गए। लेकिन अब सचिवालय में अनियमितताएं बढ़ रही है।
हजारों लोग रहते हैं सचिवालय में मौजूद
लघु सचिवालय में जिला के तमाम अधिकारी बैठते हैं। भूतल पर एसडीएम, तहसीलदार से संबंधित विभिन्न कार्यालय व सरल केंद्र है, जिसमें प्रतिदिन हजारों लोग काम कराने के लिए आते हैं। प्रथम तल पर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य कार्यालय है। भूमि रजिस्ट्री भी इसी तल पर होती है। द्वितीय तल पर जिला उपायुक्त कार्यालय से लेकर नगराधीश कार्यालय, सीओ जिला परिषद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, उपायुक्त कोर्ट, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी से संबंधित कार्यालय हैं। वहीं, तृतीय तल पर जिला पुलिस अधीक्षक सहित सभी पुलिस से संबंधित कार्यालय स्थित हैं। इन कार्यालयों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में अधिकारी, कर्मचारी व आम जनता मौजूद रहती है।