दुकान से 1750 रुपये और सट्टे का रजिस्टर मिलने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
शहर के कैंप थाना क्षेत्र में सट्टा खिलाए जाने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस के साथ धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। इस दौरान हेड कांस्टेबल को चोट पहुंचाने की बात सामने आई है। पुलिस की शिकायत के अनुसार, सट्टा लिखने के आरोप में अशोक को पकड़ने के दौरान जयकुमार और उसके साथ आए लोगों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर उसे छुड़ा दिया। पुलिस ने मामले में जयकुमार, अशोक और अन्य पांच से छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जयकुमार और अशोक होडल के पूर्व विधायक रामरतन के बेटे और वर्तमान विधायक हरेंद्र रामरतन के सौते भाई हैं।
थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल के अनुसार, बृहस्पतिवार को वह हेड कांस्टेबल अरुण कुमार और एसपीओ वीरेंद्र के साथ गश्त पर थे। दोपहर करीब ढाई बजे किठवाड़ी पुल के नीचे से मोहन नगर की ओर जाते समय मुखबिर ने देसी शराब के ठेके के पास पूर्व विधायक रामरतन के मकान के सामने वाली गली में स्थित जयकुमार की दुकान पर सट्टा खिलाए जाने की सूचना दी। पुलिस टीम ने दुकान पर पहुंचकर कार्रवाई की तो वहां चार-पांच लोग मौजूद थे। एक व्यक्ति नोटबुक में सट्टे के नंबर लिख रहा था। उसकी पहचान शमशाबाद निवासी अशोक पुत्र रामरतन के रूप में हुई।
दुकान से रजिस्टर और नकदी कब्जे में ली
पुलिस का दावा है कि दुकान से सट्टे का रजिस्टर, नोटबुक और उसमें रखे 1750 रुपये बरामद किए गए। रजिस्टर में बृहस्पतिवार सहित पिछली तारीखों में भी सट्टे का हिसाब दर्ज था। पूछताछ के दौरान अशोक ने कथित तौर पर बताया कि दुकान जयकुमार की है और उसे रोजाना दिहाड़ी मिलती है। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने भी 50 रुपये का सट्टा लगाने की बात कही।
भीड़ जुटने पर सट्टा खेलने वाले फरार
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान जयकुमार, दो महिला और काली टीशर्ट पहने एक युवक मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की कर अशोक को छुड़ा लिया। इस दौरान हेड कांस्टेबल अरुण कुमार को चोटें आई। शोर-शराबे के बाद मौके पर भीड़ जुट गई और सट्टा खेलने वाले दो-तीन अन्य लोग भी वहां से निकल गए। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि मौके पर ई-साक्ष्य तैयार करने की प्रक्रिया में बाधा डाली गई। घटना मोबाइल में रिकॉर्ड होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल ने बताया कि पुलिस ने हरियाणा सार्वजनिक जुआ अधिनियम की संबंधित धारा और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपों की पुष्टि व जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपों को बताया झूठा
विधायक हरेंद्र रामरतन ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। वहीं, पूर्व विधायक ने बताया कि पुलिस ने जो भी आरोप लगाए हैं वो झूठे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर मौजूद थे।थाना प्रभारी ने उनके बेटों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसपी दीप्ति गर्ग से मिले हैं। एसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कैंप थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह एससी-एसटी और महिलाओं के साथ मारपीट का प्राथमिकी दर्ज कराएंगे और धरना देंगे।