पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान किसानों ने महंगाई के विरोध में बृहस्पतिवार को होने वाले प्रदर्शन के संबंध में तैयारियां की। धरनास्थल पर आयोजित किसान संघर्ष समिति की बैठक में ज्यादा से ज्यादा किसानों से प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की गई। भीड़ जुटाने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
धरने में किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई चरम पर है। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। सरकार ने खाने-पीने के सामान के भी दाम बढ़ा दिए हैं। तेल की कीमतें बढ़ने से किराया महंगा हो गया। सरसों का तेल, दाल, रिफाइंड, घी आदि काफी महंगा हो गया है। महंगाई ने कमेरे वर्ग की कमर तोड़ दी है। कोरोना काल में काफी लोगों के व्यवसाय ठप हो गए हैं। लोग भुखमरी की कगार पर है। फिर भी सरकार दिनोंदिन महंगाई बढ़ा रही है। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया जाएगा। भारी संख्या में किसान एकत्र होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को अल्टीमेटम दिया जाएगा। मांगे न मानने पर दिल्ली कूच किया जाएगा। धरने की अध्यक्षता चेतराम मेंबर मीतरोल ने की, जबकि संचालन किशन चंद शर्मा ने किया। किसान सभा के नेता धर्मचंद घुघेरा, सोहनपाल चौहान, उदय सिंह प्रधान, राजकुमार ओलिहान, डॉ. रघुवीर सिंह, रूपराम तेवतिया, अच्छेलाल जोधपुर, पोहप सिंह स्यारौली, रमेश प्रधान, नरेंद्र, रणजीत चौहान, चंद्रमुनि धतीर, इंद सिंह रावत आदि ने भी धरने को संबोधित किया।