गहलब गांव में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने सोमवार को खेतों में बिछाई जा रही ग्रिड लाइन के तारों को नहीं खींचने दिया। किसानों का आरोप था कि लाइन से हो रहे नुकसान की कंपनी की तरफ से भरपाई नहीं जा रही है। किसान मंगलवार से इस मसले के समाधान के लिए मंदिर पर अनशन शुरू करेंगे। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर दर्जनों गांवों के किसानों ने एक पंचायत की।
पंचायत की अध्यक्षता मास्टर राम किशन ने की। पंचायत की तरफ से शेर सिंह की अगुवाई में 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जो किसानों के संघर्ष को आगे बढ़ाएगी। क्षेत्र के किसान पिछले काफी समय से बिछाई जा रही 765 केवीए ग्रिड लाइन का विरोध कर रहे हैं।
यह लाइन कानपुर से अरीकला नाम से खींची जा रही ग्रिड लाइन के से नुकसान की भरपाई के लिए किसान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय पंचायत मंत्री से लेकर राज्यपाल और दर्जनों नेताओं व अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके हैं। सोमवार को गहलब के मंदिर पर दर्जनों गांवों के किसान एकत्रित हुए। किसानों का कहना था कि जो लाइन बिछाई जा रही है, उससे किसानों को लंबा नुकसान झेलना पड़ेगा।
किसानों का कहना था कि किसान लाइन के नीचे मकान नहीं बना सकते, लाइन के नीचे ट्यूबवेल नहीं लगा सकते, लाइन की करंट की तरंगों से किसानों को नुकसान होता है। इसके अलावा फसल की बर्बादी होती रहती है। किसानों का तर्क था कि इसकी भरपाई के लिए जब तक ग्रिड कंपनी किसानों को हर्जाना नहीं देगी, तब तक लाइन को नहीं खींचने दिया जाएगा। पंचायत करके किसानों ने खींची जा रही लाइन को नहीं डालने दिया।
मसले के समाधान के लिए किसान मंगलवार से गांव के मंदिर पर अनशन शुरू करेंगे। इस मौके भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान, शेर सिंह, राजू बिजेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, महेश कुमार, प्रकाश, इंद्र सिंह, ओमी, सुरेश रमेश कुमार, कृष्ण शर्मा, जग मोहन के अलावा दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान मौजूद रहे।