पलवल। चीनी मिल में पिछले एक माह से चल रहा धरना और 10 दिन से जारी भूख हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। मिल के प्रबंध निदेशक नरेश कुमार व ऐतिहासिक पंचवटी मंदिर के महंत ऋषि महाराज ने गन्ना किसानों को जूस पिलाकर हड़ताल खत्म कराया। किसानों ने हड़ताल प्रबंध निदेशक द्वारा मिल को सुचारु रूप से चलाने तथा किसानों का एक-एक गन्ना मिल द्वारा खरीदने व अन्य मिलों में पांच लाख क्विंटल से ज्यादा गन्ना भिजवाने और मिल में हुए घोटालों की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन देने के बाद ही समाप्त की गई। बुधवार तक चली इस भूख हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे चौहान पाल के अध्यक्ष जय नारायण चौहान ने जिले के किसानों के साथ-साथ उन्हें समर्थन देने वाले विभिन्न राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों का धन्यवाद किया।
दरअसल, पलवल सहकारी चीनी मिल का 12 दिसंबर को पिराई सत्र शुरू हुआ था। उसी दिन से मशीनों के अंदर तकनीकी कमी आने के कारण मिल चल नहीं पाई थी। 10 दिन तक मिल के न चलने पर किसानों ने धरना शुरू कर दिया और उसके बाद पलवल ग्रीवेंस कमेटी की बैठक लेने आए सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल का घेराव कर प्रदर्शन किया था। उसके दूसरे दिन से ही किसान भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। तब से यह हड़ताल लगातार जारी रही। हर दिन जिले के विभिन्न गांवों के चार-चार किसान भूख हड़ताल पर बैठते थे। सोमवार कुछ किसान जिला उपायुक्त डा. नरेश नरवाल से भी मिले थे। उस समय किसानों को उपायुक्त ने उनकी मांगों पर पूरा ध्यान देेन का आश्वासन दिया था। बुधवार को उपायुक्त के आदेश पर मिल के प्रबंध निदेशक नरेश कुमार किसानों के बीच गए।
इस अवसर पर किसान नेता रतन सिंह सौरोत, देवेंद्र तेवतिया, महेंद्र चौहान, जवाहर डागर, होशियार सिंह, देवी सिंह रावत, समुंदर सिंह, बाबू सिंह, गजराज घोड़ी, सुरेश दीघोट, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरपाल दीक्षित, सतपाल, यशपाल तेवतिया, सुनील गहलब आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।