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किसानों ने गांवों में जागरूकता अभियान किया तेज

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धरना देते किसान। - फोटो : Palwal
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पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर किसानों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। किसानों ने शनिवार को मनाए जाने वाले ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ दिवस के लिए तैयारियां जोरों से शुरू कर दी हैं। इसके लिए गांवों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। गांवों में लोगों को नए कृषि कानूनों की खामियां बताकर आगामी समय में होने वाले नुकसानों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही शनिवार को कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने की अपील की जा रही है। किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने की अध्यक्षता रणजीत सिंह ने की और संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया।
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राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद ने कहा कि सरकार के तमाम साजिशों के बावजूद किसान तीन नए कृषि कानूनों की वापसी के संबंध में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। सरकार कानूनों को किसानों की भलाई की बात कहकर प्रचारित कर रही है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद आज भी देश के ज्यादातर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि थोक और खुदरा महंगाई में भारी बढ़ोत्तरी होने पर भी फसलों के भाव निर्धारित नहीं किए जा रहे हैं। सरकार के गलत फैसलों के कारण ही आज देश की अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है। बेरोजगारी का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार जनता के बुनियादी सवालों पर चर्चा करने की बजाय जनता को गुमराह करने और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रही है। किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि 25 जून को मथुरा से महिलाओं की भजन पार्टी धरने में शामिल होगी। इस दिन महिलाओं के नाम धरना रहेगा। मशहूर गायक सीमा रावत कृषि कानूनों पर कटाक्ष करेंगी। धरने को किशन चंद शर्मा, रूपराम तेवतिया, नरेंद्र सहरावत, रमेश चंद गौडोता, राजेंद्र घर्रोट, करतार चौहान, अच्छेलाल जोधपुर, बीर सिंह ने संबोधित किया।
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