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कोरोना से बचाव के लिए किसानों ने कराया वैक्सीनेशन

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पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में बृहस्पतिवार को कोरोना वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी एवं स्वास्थ्य के सहयोग से आयोजित शिविर में किसानों को टीके लगाए गए। वहीं 25 जुलाई को अनाज मंडी में किसान-मजदूर महापंचायत करने का निर्णय लिया गया।
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शिविर के नोडल अधिकारी महेश मलिक ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने निर्देश जारी किए हैं कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर शीघ्र ही आने वाली है। यह लहर बहुत ही घातक होगी। इसलिए सभी लोग वैक्सीन अवश्य लगवाएं। किसानों ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में किसान सरकार से साथ है, लेकिन सरकार को भी किसानों के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाते हुए कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए, ताकि किसान तीसरी के प्रकोप से बच सके।
किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। मंडी संशोधन कानून, ठेके पर खेती का कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून किसानों के हित में नहीं हैं। सरकार कानूनों को किसानों के हित में बता कर सफेद झूठ बोल रही है। कृषि कानूनों को लाने का सरकार का उद्देश्य खेती को पूंजीपतियों के हाथ में देना है। इन कानूनों से किसान अपनी ही जमीनों पर बंधुआ मजदूर बन जाएंगे, किसानों का आर्थिक शोषण होगा और महंगाई व कालाबाजारी बढे़गी।
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महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने आगामी संसद सत्र में 22 जुलाई से रोजाना संसद तक मार्च करने व बाहर से संसद का घेराव करने का निर्णय लिया गया है। किसान इसी बीच विपक्ष के ऊपर दबाव बनाएंगे कि वो सदन के अंदर किसानों के सवालों को प्रमुखता से उठाएं। इस काम के लिए किसान मोर्चा 17 जुलाई को सभी विपक्षी दलों को एक चेतावनी पत्र भेजेगा ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि सत्र का उपयोग किसानों के संघर्ष का समर्थन करने के लिए किया जाए। इस मौके पर धर्मचंद, सोहनपाल चौहान, रमेश चंद गौड़ौता, दरियाब सिंह, भागीरथ बैनीवाल, बीरसिंह आदि मौजूद रहे।
माफी मांगे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद ने कहा है कि भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर मांढी ने पलवल आगमन के समय धरना पर बैठे हुए किसानों को नकली किसान बता कर अन्नदाताओं का अपमान किया है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। यदि उन्होंने किसानों से माफी नहीं मांगी तो भाजपा कार्यालय के सामने उनका पुतला जलाया जाएगा।
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