- महिला व पुरुष किसान दिवाली छोड़ पहुंचे इफ्को खाद केंद्र, खाद न मिलने पर किया हंगामा, डीसी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहर में डीएपी खाद की कालाबाजारी को लेकर दिवाली के त्योहार को छोड़कर महिला व पुरुष किसान इफ्को खाद सेंटर पर पहुंच गए। खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों पर निजी दुकानदारों के साथ मिलकर कालाबाजारी करवाने के आरोप लगाते हुए जिला उपायुक्त को फोन पर शिकायत कर दी। जिस पर संज्ञान लेते हुए किसानों को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया।
गौरतलब है कि क्षेत्र में पिछले दिनों किसानों के खेतों में फसल की बुआई के दौरान उपयोग होने वाले डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। खाद की किल्लत को दूर करने के लिए किसान प्रशासन व सरकार से खाद की आपूर्ति बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। किसानों की मांग के बाद सरकार ने निजी खाद व बीज के दुकानदारों के पास डीएपी खाद भिजवा दिया, लेकिन निजी दुकानदारों ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर कालाबाजारी का खेल शुरू कर दिया।
निजी दुकानदार 1355 रुपये में मिलने वाले डीएपी खाद को यूपी व मेवात के किसानों को तीन सौ से चार सौ रुपये अधिक मूल्य में बेचकर कालाबाजारी करने लगे। मंगलवार की सुबह डीएपी खाद की रैक लगने के बाद इफ्को खाद सेंटर के अलावा निजी दुकानदारों के पास भी खाद पहुंचा, लेकिन निजी दुकानदारों ने किसानों को खाद देने से मना कर दिया।
बाद में किसान इफ्को खाद केंद्र पर पहुंच गए, जहां महिला व पुरुष किसान भारी संख्या में जुट गए। इस दौरान सेंटर पर कर्मचारियों ने खाद के साथ नैनो यूरिया व डीएपी देना शुरू कर दिया, जिससे नाराज होकर किसानों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सोमपाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझा-बुझाकर शांत करवाया।
बाद में किसानों ने इस मामले की शिकायत जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ को फोन पर कर दी। शिकायत के बाद उपायुक्त ने किसानों को अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। किसान धर्मवीर, जयदेव, भीम सिंह, रविंद्र कुमार, शेखर, नरेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने कहा कि निजी खाद विक्रेता किसानों के हक के खाद-बीज पर कालाबाजारी करने में लगे हुए हैं। कालाबाजारी के इस खेल में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के जिला उपनिदेशक सहित उपमंडल अधिकारी और खंड कृषि अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं, इस मामले में जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।