फरीदाबाद से भी आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे किसान
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा धरना 34वें दिन भी जारी रहा। मंगलवार को विभिन्न गांवों की सरदारी के साथ-साथ फरीदाबाद के गांवों से भी किसान धरना स्थल पर पहुंचे। रावत पाल के 11 किसानों ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी। धरने की अध्यक्षता पूर्व विधायक भगवान सहाय रावत ने और संचालन मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने किया। किसानों ने बताया कि आगामी रणनीति को लेकर सिंघु बॉर्डर पर किसान यूनियनों के शीर्ष नेताओं की बैठक हुई है। शीर्ष नेताओं का निर्देश मिलता है तो बुधवार को ट्रैक्टर रैली निकालकर नए कृषि कानूनों को विरोध जताया जा सकता है।
मंगलवार को फरीदाबाद के दयालपुर गांव निवासी किसान नेता बबलू हुड्डा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने धरने को समर्थन दिया। जय जवान-जय किसान के नारे लगाते हुए किसान धरना स्थल पर पहुंचे। गांव स्थित गुरु नानक सिंह गुरुद्वारा द्वारा लंगर के लिए खाद्य सामग्री भेंट की गई। वहीं रोहतक से अक्षय नरवाल के नेतृत्व में भी दर्जनों किसान धरने में शामिल हुए। उधर, सोमवार को खादर के गांवों में चलाए गए जागरूकता अभियान के बाद मंगलवार को क्षेत्र के गांव घोड़ी, बलई, थंथरी, बागपुर, झुप्पा, माला सिंह फार्म, नंगलिया आदि से भी लोग धरने को समर्थन देने पहुंचे। माला सिंह फार्म के सरपंच रघुविंदर सिंह के नेतृत्व में लंगर के लिए खाद्य सामग्री भी भेंट की। समर्थन देने वालों में जर्नेल सिंह, पप्पू सिंह, बबलू व जगत सिंह आदि शामिल रहे।
आजादी की तीसरी लड़ाई भी जीतेंगे किसान : जोगेंद्र शर्मा
दिल्ली विश्वविद्यालय में साहित्य के प्रोफेसर रहे जोगेंद्र शर्मा ने कहा कि किसान व मजदूरों ने पहली लड़ाई मुगलों से जीती थी। दूसरी लड़ाई में अंग्रेजों को हराया। अब देश व किसान आर्थिक गुलामी से आजादी की तीसरी लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें भी सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ पिछले कई सौ वर्षों से अन्याय किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के किसान नेता भूपेंद्र गुर्जर, पंजाब के बटाला से सुखवंत सिंह, बावन पालों के चौधरी अरुण सिंह जेलदार, ज्ञान सिंह चौहान, रतन सिंह सौरोत, पोहप सिंह स्यारौली, अखिल भारतीय किसान सभा के नेता भारत सिंह, खुशबू भोपाल, भूपेंद्र सिंह गुजर, सावंलिया देशवाल, दिनेश कुमार निरंजन, पंडित राजेंद्र शर्मा, जगत सिंह बडौली, सतपाल नरवाल ने भी संबोधित किया।
ये बैठे भूख हड़ताल पर
धरना स्थल पर रावत पाल की तरफ से 11 किसानों ने क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखी। अनशन करने वाले किसानों में गांव बहीन निवासी गोपाल रावत, विकास कुमार, महेंद्र सिंह जेलदार, अनिल जेलदार, सुरेंद्र सिंह, सुभाष, महाबीर सिंह अंधोप, नकुल सिंह नांगल जाट, जमनादास, शोभाराम नांगल जाट, शिव चरण व सुक्कीराम शामिल रहे।
हाथ में झंडा लेकर पहुंची 9 साल की बच्ची
बाबा चमकौर के साथ 9 साल बच्ची कनिका हुड्डा हाथ में झंडा लेकर धरना स्थल पर पहुंची। साथ आए बबलू हुड्डा ने बताया कि किसान आंदोलन में लड़ाई में कनिका भी गिरफ्तारी दे चुकी है। पुलिस ने बीती 25 दिसंबर को दिल्ली कूच के दौरान उसे हिरासत में लिया था।
रागनी व नृत्य से मनोरंजन
रागनी गायक नरदेव बैनीवाल ने अपनी रागनियों के जरिये किसानों में जोश भरा। गांव बंचारी से राजेंद्र शर्मा ने नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने हाथों में आग के दीये लेकर नृत्य किया। ग्रामीण क्षेत्र के कवियों ने तुक लगाकर लगाकर धरना स्थल पर बैठे लोगों का मनोरंजन किया। तुक लगाने वालों में मुरारी सरपंच, सबरजीत सिंह, हरप्रसाद, महेश शामिल रहे।
लंगर के लिए वाटर प्रूफ पांडाल
बारिश के मौसम में लंगर सेवा में किसी तरह की समस्या न आए, इसके लिए वाटर प्रूफ पांडाल लगाया गया है। सरदार जोगा सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने पर खुले में लंगर लगाया जा रहा है।
पलवल में धरना स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे किसान।- फोटो : Palwal
पलवल में चल रहे धरने को समर्थन देने पहुंचे किसान।- फोटो : Palwal