पलवल। गांव धतीर में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ का विरोध करने के लिए शुक्रवार को जिले के किसान काले झंडे लेकर पलवल के हुडा सेक्टर-दो पहुंच गए, लेकिन पुलिस अधीक्षक की सूझबूझ के चलते किसान विरोध नहीं कर पाए, क्योंकि पुलिस अधीक्षक ने किसानों के विरोध को देखते हुए भाजपा अध्यक्ष धनखड़ का रूट बदल दिया तथा उन्हें दूसरे रूट से धतीर कार्यक्रम में पहुंचवा दिया और किसानों को बिना विरोध करे ही वापस लौटना पड़ा। वहां से लौटने के बाद किसानों ने धतीर भी जाने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल का प्रबंध होने के कारण किसान वापस धरना स्थल पर पहुंच गए।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ शुक्रवार को पलवल के गांव धतीर में सत्य-तथ्य और किसान कार्यक्रम के तहत आए थे। गांव धतीर में इसके लिए भाजपा के स्थानीय नेताओं द्वारा बाकायदा धतीर गांव में किसान एकत्रित किए गए थे, ताकि प्रदेशाध्यक्ष धनखड़ उन्हें कृषि कानूनों के बारे में जानकारी दे सकें। वहीं बृहस्पतिवार की देर सांय जब प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के पलवल आने की सूचना अटोहां मोड़ पर पिछले 90 दिनों से धरना पर बैठे किसानों को जानकारी मिली थी तो उन्होंने धनखड़ का विरोध करने की रणनीति बना डाली थी। विरोध के लिए किसानों ने फेसबुक व व्हॉट्सएप के माध्यम से जिले के किसानों से हूडा सेक्टर-दो पर पहुंचने की अपील भी की। किसानों के इस विरोध करने की जानकारी मिलते ही पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया।
पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत द्वारा गांव धतीर में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया, ताकि कोई विवाद न हो। शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब किसान हुडा सेक्टर-दो पर काले झंडे लेकर पहुंच गए, ताकि ओम प्रकाश धनखड़ का काफिला आने पर काले झंडे दिखाकर उनका विरोध कर सकें। पुलिस को जब इस बात की जानकारी मिली तो पुलिस ने धनखड़ का काफिला दूसरे रूट से लेे जाकर गांव धतीर पहुंचा दिया, जबकि किसान काले झंडे लेकर हुडा सेक्टर-दो पर भाकियू के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत के नेतृत्व में खड़े रहे। काफी देर तक जब धनखड़ का काफिला नहीं आया तो किसानों ने जानकारी ली और उन्हें पता चला कि धनखड़ गांव धतीर पहुंच गए हैं। यह जानकारी मिलते ही किसानों ने धतीर जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते से ही पुलिस ने उन्हें लौटा दिया, जिससे किसानों द्वारा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ का विरोध करने का प्रयास पूरी तरह से असफल हो गया।