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किसानों ने की प्रदेश सरकार के बजट की निंदा

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पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केेएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में शनिवार को प्रदेश सरकार द्वारा जारी बजट की निंदा जताई गई। किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश बजट पूरी तरह से किसान विरोधी है। किसानों को बजट में कोई राहत नहीं दी गई। खाद, दवाई, बिजली व डीजल में कोई छूट नहीं दी गई। एमएमसपी व सब्सिडी का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार ने बजट के नाम पर किसान, मजदूर व कमरे वर्ग के साथ धोखा किया है।
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धरने में किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बजट के नाम पर मुख्यमंत्री ने शब्दों का जाल बुना है। बजट में किसी भी वर्ग को फायदा नहीं पहुंचाया गया है। केवल 13 प्रतिशत बजट में बढ़ोतरी की गई है, जबकि जीएसटी के हिसाब से बजट में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जानी थी। उन्होंने कहा कि बीते साल में केवल आठ प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिला है। इस बार भी बजट में रोजगार के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। शिक्षा व तकनीकी शिक्षा को मिलाकर जारी किया गया बजट पिछले साल की तुलना में कम है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला को कुछ नहीं दिया गया है। यहां पर कोई यूनिवर्सिटी व मेडीकल कॉलेज नहीं मिला है। सड़क व रेलमार्ग के लिए भी कोई बजट नहीं दिया गया है। पलवल, फरीदाबाद व मेवात के लिए बजट बेहद निराशाजनक है। धरने की अध्यक्षता चंदन सिंह डराना व संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया। इस मौके पर सोहनपाल चौहान, हरप्रसाद चौहान, राजेंद्र घर्रोट, सुखबीर नेहरा, सतबीर सिंह आदि मौजूद रहे।
शहीद यादगार किसान मजदूर पदयात्रा का होगा स्वागत
अखिल भारतीय किसान सभा की जिला कार्यकारिणी की बैठक धरना स्थल पर संपन्न हुई। बैठक में संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा द्वारा 18 मार्च को मथुरा से निकाले जाने वाली शहीद यादगार किसान मजदूर पदयात्रा को सफल बनाने को लेकर चर्चा की गई। यात्रा मथुरा से चलकर 23 मार्च को शहीद भगत सिंह शहादत दिवस के अवसर पर अटोंहा किसान आंदोलन में शामिल होगी। बैठक में राज्य कमेटी के नेता वीरेंद्र मलिक ने बताया कि संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा पूरे देश में किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए पदयात्राएं आयोजित करेगा। देश के अलग-अलग स्थानों से निकलने वाली पदयात्राओं का समापन 23 मार्च को शहीद दिवस के अवसर पर दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे धरनों में शामिल होगी। आंदोलन को किसानों, मजदूरों, खेत मजदूरों, कर्मचारियों, दुकानदारों जनता के सभी वर्गों भरपूर समर्थन व सहयोग मिल रहा है। बैठक में यादराम शर्मा, ताराचंद, रघुबीर सिंह, नंदकिशोर, श्यामदत्त आदि मौजूद रहे।
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किसानों से फसल नष्ट न करने की अपील
स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने किसानों से अपील की है वह अपनी फसल को नष्ट न करें, बल्कि उसकी रक्षा करें। संवेदनहीन सरकार पर फसल को जोतने का कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। अब तक आंदोलन में तीन सौ से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं पर निर्दयी सरकार ने आज तक संवेदना के रुप दो शब्द किसानों के लिए नही कहे हैं। उन्होंने कहा कि खेती कर सबका भरण पोषण करना किसानों का धर्म है। सरकार से किसानों की कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। अधिकार मांगना और आंदोलन करना किसी का भी अधिकार है।
स्यारौली की चौपाई पार्टी आज देगी प्रस्तुति
धरना स्थल पर चौपाई प्रस्तुत करने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार की प्रसिद्ध चौपाई पार्टी अपनी प्रस्तुति देगी। महाशय पोहप सिंह के नेतृत्व में चौपाई पार्टी कृषि कानूनों के नुकसान गिनवाएगी। इस अवसर पर ब्रज के संस्कृति के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के भजन प्रस्तुत किए जाएंगे।
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