पलवल। पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसानों ने अपने हक के प्रति जागरूक होकर इतना बड़ा आंदोलन किया है। संगठित होकर दिखा दिया है कि देश का अन्नदाता किसी से कम नहीं है। मुझे विश्वास है कि जीत किसान की ही होगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा में भागेदारी, जिम्मेदारी और साझेदारी की जरूरत है। किसान का काम एमएसपी से नहीं चलेगा। आय दोगुनी नहीं बल्कि छह गुनी होनी चाहिए। यह बातें रविवार को उन्होेंने केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने में कही।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि मैं दीनबंधु सर छोटूराम के परिवार से हूं। उनके जैसा किसान हितैषी नेता आज तक नहीं हुआ। मैं राजनीति से ऊपर उठकर किसानों को साथ खड़ा हुआ है और आखिरी सांस तक उनके साथ खड़ा रहूंगा। किसानों के चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिख रहा है। सरकार को बात कर मामले का निपटारा करना चाहिए। किसान सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। एमएसपी की मांग से किसानों का भला होने वाला नहीं है। उसकी फसल का मात्र दो प्रतिशत हिस्सा मिलता है जबकि दूसरे लोग 98 प्रतिशत खा जाते हैं। इस मौके पर चौधरी छोटूराम विचार मंच के अध्यक्ष चांद सिंह, राजकुमार ओहलान आदि मौजूद रहे।