फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: किसान न तो पराली जलाने से रुक रहे, न ही लोग कूड़ा जलाने से

Sat, 12 Oct 2024 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पलवल। जिला प्रशासन व कृषि विभाग द्वारा किसानों व आम लोगों को रोजाना कूड़ा व पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन न तो लोग कूड़ा जलाने से बाज आ रहे हैं और न ही किसान पराली जलाने से रुक रहे हैं। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कूड़ा व पराली जलाने से इतना धुआं निकल रहा है कि आसपास के क्षेत्रों में कुछ दिखाई नहीं देता है। ऐसे में सांस व अस्थमा के मरीजों को बेहद परेशानी हो रही है। उनका घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। जिला प्रशासन भी कूड़ा व पराली जलाने वालों पर रोक लगाने में नाकामयाब साबित हो रहा है। यह हाल तो तब है, जब प्रशासन नौ किसानों पर पराली जलाने को लेकर कार्रवाई कर जुर्माना कर चुका है। शनिवार को भी पलवल जिले में दर्जनों जगह कूड़ा जलता मिला। कई स्थानों पर पराली जलती मिली। जहां पराली जलती मिली, वहां तो धुआं का इतना बुरा हाल था कि आसमान में धुंध व धुआं ही धुआं दिखाई दे रहा है। आसपास के लोगों का उन स्थानों से निकलना बेहद मुश्किल हो रहा था। लगातार जलाई जा रही इस तरह पराली से आसपास के लोग डरने भी लगे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की नजरों के सामने यह सब हो रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इन स्थानों पर जलता मिलता है कूड़ा
पलवल में अनाज मंडी, पुरानी सब्जी मंडी, मीनार गेट, पुराने जीटी रोड पर रोजाना कूड़ा जलता मिल रहा है। शहर के लोगों ने मांग की है कि कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सुबह तड़के शहर में मंडी और बाजारों में कूड़ा जलाते सफाई कर्मी देखे जा सकते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह खेतों में पराली जलती देखी जा सकती है।
विज्ञापन

डाक्टर दे रहे बचाव की सलाह

सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉ. विपिन का कहना है कि जहां कूड़ा व पराली जलाई जा रही है, उस स्थान के आसपास जाने से लोगों को खासकर सांस व अस्थमा के मरीजों को बचना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से सांस के मरीज अस्पताल में ज्यादा आ रहे हैं।
विज्ञापन

नौ किसानों पर कार्रवाई कर लगाया 22 हजार, 500 का जुर्माना

जिला उपायुक्त डाॅ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पराली जलाते मिले 9 किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उनके ऊपर 22 हजार, 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने की 12 शिकायतें मिली थीं। उनमें से चार स्थानों की शिकायतें गलत मिली। अन्य शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अब शहर में भी कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में जांच कराई जाएगी। जिला उपायुक्त ने बताया कि फसल अवशेष नहीं जलाने को लेकर लगातार किसानों को गांव-गांव जाकर जागरूक किया जा रहा है और फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। वहीं, फसल अवशेष जलाने के मामले मिलने पर लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने किसानों को बताया कि आधुनिक कृषि के तकनीकी युग में अब फसल अवशेष कमाई का साधन है और बहुत से किसान फसलों के अवशेष से अच्छी कमाई कर रहे हैं। ऐसे में किसान फसल अवशेष प्रबंधन करके अपनी आर्थिक स्थिति को और अधिक मजबूत कर आत्मनिर्भर बने।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें