संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब निर्माण में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में पंचायती राज विभाग, नूंह के कार्यकारी अभियंता योगेश कुमार को सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विकास एवं पंचायत विभाग के विशेष सचिव सुशील सरवान की ओर से 5 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, तावडू खंड की 6 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए गए तालाबों के निर्माण में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। डीसी के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में गठित कमेटी ने जांच की, जिसमें बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आई। जांच रिपोर्ट में सीलखो, सेवका, भाजलाका सहित 6 पंचायतों में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार उजागर हुआ था। इसी जांच के आधार पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए कार्यकारी अभियंता योगेश कुमार को निलंबित किया है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के पहले छह माह तक उन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियम 2016 के तहत निर्वाह भत्ता मिलेगा और उन्हें प्रमाण देना होगा कि वह अन्य किसी रोजगार में नहीं हैं। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मुख्य अभियंता पंचायती राज कार्यालय चंडीगढ़ रहेगा।