पलवल। हरियाणा सरकार पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई ने बृहस्पतिवार को जिला उपायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप विभिन्न मांगें उठाईं।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान बीर सिंह सौरोत व संचालन जिला सचिव बिजेंद्र चौहान ने किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजेश शर्मा, जिला सचिव योगेश शर्मा, राकेश तंवर ने बताया कि सरकार कोरोना महामारी की आड़ में आपदा को अवसर में बदलने के नाम पर विभागों का निजीकरण कर रही है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का नेटवर्क प्रदेश भर में फैला हुआ है। सभी लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन अब सरकार जल घरों का निर्माण करने के बाद उसकी मेंटेनेंस और संचालन का कार्य 5 साल तक के लिए ठेकेदारों को देना चाहती है। यदि पानी की आपूर्ति निजी हाथों में चली जाएगी तो आम लोगों को शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो सकेगी। निजीकरण से रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से सभी विभागों में नियमित भर्तियों की मांग की।
जिला प्रधान राजेश शर्मा व योगेश शर्मा ने बताया है कि पीडब्ल्यूडी के तीनों विभागों के फील्ड कर्मचारियों के वेतन व सेवा नियमों में भारी त्रुटि हैं। मांगो को लेकर संगठन ने मुख्य सचिव को 14 अक्तूबर तक का नोटिस दिया था, लेकिन सरकार बातचीत से समस्या का समाधान नहीं निकालना चाहती। उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में बताया कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर देवीसिंह सेजवाल, हरकेश सौरोत, प्रताप सिंह, सतपाल, बालकिशन शर्मा, महेंद्र सिंह, राजपाल आदि मौजूद रहे।