पलवल। केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों एवं कर्मचारियों के लंबित मांगों के संबंध में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय प्रतिरोध दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान जिले के चारों ब्लाकों के कर्मचारी प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। प्रदर्शन की तैयारियों के संबंध में बुधवार को जिला प्रधान राजेश शर्मा की अगुवाई में आईटीआई, रोडवेज, बिजली बोर्ड, वन विभाग, पटवार भवन और भवन निर्माण विभाग के कार्यालयों में टीमों ने जनसंपर्क किया।
राजेश शर्मा और जिला सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार नव उदारीकरण की नीतियों को तेजी से लागू करते हुए कर्मचारी, किसान, मजदूर और आम जनता विरोधी फैसले ले रही है। कोरोना महामारी की आड़ में सरकार पूंजीपतियों को मुनाफा पहुंचाने के लिए जनता की खून पसीने की कमाई से खड़े किए गए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण कर रही है। एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन बहाली, ठेका प्रथा समाप्त कर अनुबंधित कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर सरकार का घोर उपेक्षा पूर्ण रवैया जारी है। कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसानों की समस्या का समाधान करने की बजाय केंद्र सरकार उन्हें प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र हल नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा में जिले के उप प्रधान धर्मवीर देशवाल, आईटीआई से धर्म दत्त शर्मा, जिले सिंह, नवल सिंह, नीरज मुख्य रूप से मौजूद रहे।