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हाऊसिंग बोर्ड कालोनी के बिजली कनेक्शन काटे

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हाउसिंग बोर्ड कालोनी के बिजली कनेक्शन काटे
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हथीन। बस स्टैंड के पास एमडीए की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के जर्जर हो चुके क्वार्टर्स में वर्षों से अवैध रूप से रह रहे कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार को उपमंडल प्रशासन ने बिजली के कनेक्शन कटवा दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही पानी के कनेक्शन भी कटवाए जाएंगे ताकि अवैध रूप से रह रहे कर्मचारी जर्जर क्वार्टर्स खाली कर सुरक्षित स्थान पर रह सकें।
दरअसल, मेवात विकास अभिकरण (एमडीए) ने वर्ष 1980 में इस हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का निर्माण सरकारी कर्मचारियों की आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कराया था। इस कॉलोनी में 70 क्वार्टर्स बनाए गए थे। कर्मचारियों की सुविधा के लिए कॉलोनी में बकायदा सीवरलाइन भी डलवाई गई थी तथा बिजली-पानी का भी उचित प्रबंध कराया गया था। उक्त कॉलोनी को पीडब्ल्यूडी ने वर्ष 2007 में जर्जर (असुरक्षित) घोषित कर दिया था। कॉलोनी के क्वार्टर्स की छतों का प्लास्टर झड़ने लगा था व लिंटर के सरिये भी दिखाई देने लगे थे। इतना ही नहीं, कई क्वार्टर्स की छतें भी गिर गई थीं व दीवारों में दरारें पड़ने लगी थीं। कॉलोनी में रह रहे अधिकांश कर्मचारियों ने क्वार्टर्स खाली कर दिए थे और सुरक्षित स्थानों पर स्वयं के मकान बनाकर अथवा किराये पर लेकर रहने लगे। लेकिन एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने अवैध रूप से क्वार्टर्स पर अपना कब्जा जमाए रखा था। उपमंडल प्रशासन द्वारा उक्त कर्मचारियों को अनेक बार क्वार्टर खाली करने के आदेश जारी किए गए लेकिन कर्मचारियों ने आदेशों को दरकिनार कर दिया। पता चला है कि जो सरकारी कर्मचारी इन जर्जर हो चुके क्वार्टर्स में रह रहे थे वे सरकार से हाउस रेंट भी वसूल कर रहे हैं जो कि नियमों के विपरीत है।
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शुक्रवार को एसडीएम वकील अहमद ने कर्मचारियों से उक्त जर्जर क्वार्टर खाली कराने व सुरक्षा की दृष्टि से बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। जिस पर संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में जाने वाली बिजली की लाइन को काट दिया व मीटरों के कनेक्शन काटकर उतरवा दिए।
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एमडीए की उक्त कॉलोनी के सभी कमरे जर्जर हो चुके थे। कभी भी कोई हादसा हो सकता था। नई आवासीय कॉलोनी बनाने के लिए एमडीए को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। - वकील अहमद, एसडीएम
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