खंड के गांव घुड़ावली में एक पखवाडे़ के अंदर रहस्यात्मक बुखार से दो वयस्कों सहित आठ की मौत हो गईं हैं। जिसे लेकर गांव के लोग सकते में हैं व डरे हुए हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग का रवैया लापरवाही पूर्ण बना हुआ है। आठ मौत होने के बावजूद एक भी मेडिकल अफसर ने गांव में जाकर चिकित्सा का प्रबंध तक नहीं किया है। मामले की शिकायत एसडीएम से भी की गई है।
गांव के निवासी एवं ब्लॉक समिति के पूर्व सदस्य अजमल खान ने बताया कि गांव में संदिग्ध बुखार से मुबीन उम्र 55 साल, बस्सन उम्र 50 साल दो वयस्कों एवं छह बच्चे शौकीन, रफीक, आईशा, अहसान, रियाज और आदिल की मौतें हुई हैं। गांव में अभी भी सैकड़ों लोग चारपाईयों पर ज्वर की वेदना से पीड़ित हैं।
गांव की सरपंच राज्यवेंद्र कौर ने बताया कि गांव में ज्वर मलेरिया के भारी संख्या में मरीज हैं। इस बारे में हथीन खंड के अस्पताल की एसएमओ रेखा सिंह का कहना है कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरों का अभाव जरूर है, लेकिन इसकी वजह से लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों की चिकित्सा का भरोसा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीनियर मेडिकल अफसर जोकि जिले की डिप्टी सीएमओ के पद पर भी हैं, वे पलवल जिला मुख्यालय पर बैठकर लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा तो दिला रहीं हैं। परंतु मौके पर कोई भी मेडिकल अफसर नहीं पहुंचा है। वहीं जिला सिविल सर्जन ने शनिवार शाम को अमर उजाला से बातचीत में कहा कि उनके संज्ञान में अभी तक ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर ऐसा है तो यह बहुत बड़ी बात है, टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।